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जरूरत से ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है महंगा, जानिए कितना पानी पीना है सही

संजीवनी टुडे 09-06-2019 13:26:12

वैसे तो पानी हमारे जीवन के लिए वरदान हैं। गर्मी की तपतपाती धूप में लोग गले को तृत्प करने के लिये पानी पीते है पानी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जिसके सेवन से शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से कार्य करते है। लेकिन क्या आपसे कभी किसी ने ये कहा है कि पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है? जी हां, शायद आपको पता न हो लेकिन बहुत अधिक पानी पीना भी नुकसानदेह हो सकता है।


डेस्क। वैसे तो पानी हमारे जीवन के लिए वरदान हैं। गर्मी की तपतपाती धूप में लोग गले को तृत्प करने के लिये पानी पीते है पानी हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। जिसके सेवन से शरीर के सभी अंग सुचारू रूप से कार्य करते है। लेकिन क्या आपसे कभी किसी ने ये कहा है कि पानी पीना नुकसानदेह हो सकता है? जी हां, शायद आपको पता न हो लेकिन बहुत अधिक पानी पीना भी नुकसानदेह हो सकता है। परिवार के भी लोग शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा पानी पीते है लेकिन किसी भी चीज का ज्यादा या कम सेवन शरीर के लिये खतरनाक साबित हो सकता है। कम पानी पीने से जहां एक ओर शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है,तो दूसरी ओर ज्यादा पानी पीना भी शरीर की समस्याये पैदा करने का काम करता है। अब हम यहां आपको बता रहे है कि ज्यादा पानी का सेवन आपके शरीर में किस प्रकार से नाकारात्मक प्रभाव डालने का काम करता है तो जाने इसके बारें में..

 कितना पानी पीना है सही
 
आमतौर पर गर्म देशों में गर्मियों के दौरान शरीर से काफी पसीना निकलता है। तापमान बहुत ज्यादा हो और काफी पसीना आये तो ढाई से तीन लीटर पानी पीना चाहिए। हालांकि ग्लोबल वार्मिंग और मोटापा ने हमारे शरीर में पानी की मांग को बदल दिया है। 
 
20 वर्ष पहले एक स्वस्थ वयस्क को, जिसका वजन 65-70 किलो हो, उसकी जरूरत गर्मी के दिनों में 3-4 लीटर और 2-3 लीटर पानी सर्दी में हुआ करती थी, मगर आजकल लोगों के खान-पान में बदलाव आया है. साथ ही पानी का सेवन कम हो गया है। पानी पीने का अर्थ सिर्फ सामान्य जल पीना ही नहीं, बल्कि उस मात्रा से भी है, जिसे हम समग्र रूप में रोज विभिन्न चीजों से प्राप्त करते हैं, जैसे- फल, सब्जियां, दूध, सूप आदि।  

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ज्यादा पानी पीना के नुकसान 

- प्यास लगने के पीछे स्वभाविक-सी रणनीति कार्य करती है कि ज़्यादा पानी पीने की सीमा होनी चाहिए और ज़्यादा डी-हाइड्रेशन से बचने के लिए, जब पर्याप्त तरल पदार्थ दिए जाते हैं तो उससे हाइपोनैट्रिमया का विकास होता है।

- हमारे शरीर में किडनी शरीर के विषाक्त पदार्थों के फिल्ट्रेट करके बाहर निकालने का काम करती है। जब आप अधिक पानी पीते हैं तो आप अधिक पेशाब करते हैं।  किडनी की अतिरिक्त पानी पचाने की क्षमता कमजोर होने लगती है और शरीर में मौजूद सोडियम पतला होने लगता है।

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- इससे कोशिकाओं में सूजन आने लगती है, जो कि जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

-ज्यादा पानी का सेवन शरीर में मौजूद रक्त को पतला करता है जिससे आपका सोडियम का स्तर गिरने लगता है। सोडियम हमारे शरीर की महत्वपूर्ण कोशिकाओं के अंदर और बाहर मौजूद तरल पदार्थों के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। जब पानी की मात्रा अधिक होती है तो सोडियम का स्तर कम हो जाता है, तो तरल पदार्थ बाहर से कोशिकाओं के अंदर तक चले जाते हैं, जिससे वे दिमाग में सूजन आने लगती है। जो आगे चलकर श्वसन की बीमारी, सांस का उखड़ना ,और कोमा में जाने का कारण भी बन सकती है।

-पानी का अत्याधिक सेवन करने से हमारे शरीर का रक्त संचार तेजी से बढ़ने लगता है। जिससे दिल को रक्त पंप करने में दबाव पड़ता है। उदा- के लिये -जिस तरह से कपड़े के फिट ना होने से उसे जबर्दस्ती पहना जाये तो शरीर में जाकर फट जाता है इसी तरह से रक्त का संचार तेजी से होने से हार्ट में प्रशेर तेजी से पड़ता है जिससे इसके खराब होने के खतरा बढ़ने लगता है।

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-शरीर के लिए पोटैशियम एक आवश्यक पोषक तत्व है और इसका शरीर में उचित स्तर बनाये रखना जरूरी है। लेकिन कभी-कभी अधिक पानी पोटैशियम की स्थिति को बिगाड़ सकता है।  इससे सीने में दर्द, पैर में दर्द आदि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

-जरूरत से ज्यादा पानी हमारे शरीर की पाचन प्रक्रिया को बिगाड़ सकता है, इससे खाना देरी से पचने लगता है।  इस वजह से पेट से संबंधित रोग होने की संभावना रहती है।

-कई बार आपने देखा होगा कि जब हम बहुत अधिक पानी पी लेते है तो अचानक चक्कर आने लगते हैं और व्यक्त‍ि असहज महसूस करने लगता है। और दिल की धड़कने तेजी से बढ़ने लग जाती है। जिसका कारण यह होता कि पानी आपके शरीर में इकट्ठा होना शुरू हो जाता है और आपको मतली उल्टी और दस्त का अनुभव होता है।

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