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जन्माष्टमी पर पंचामृत के भोग से खुश होंगे कन्हैया, मिलेगा मनचाहा वरदान

संजीवनी टुडे 09-08-2020 16:03:41

जन्माष्टमी के दिन प्रसाद के रूप में भगवान श्री कृष्ण को भोग में पंचामृत अवश्‍य चढ़ाना चाहिए।


डेस्क। जन्माष्टमी का त्यौहार श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी का पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा। कुछ स्थानों पर कान्हा के जन्मदिन को 11 अगस्त को मनाया जा रहा है, लेकिन अधिकतर स्थानों पर इस पर्व को 12 अगस्त के दिन ही मनाया जा रहा है। मथुरा नगरी में असुरराज कंस के कारागृह में देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान श्रीकृष्ण भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी को पैदा हुए। उनके जन्म के समय अर्धरात्रि  थी, चन्द्रमा उदय हो रहा था और उस समय रोहिणी नक्षत्र भी था। इसलिए इस दिन को प्रतिवर्ष कृष्ण जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन प्रसाद के रूप में भगवान श्री कृष्ण को भोग में पंचामृत अवश्‍य चढ़ाना चाहिए। दूध, दही, घी, शहद, शकर को मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है। पंचामृत का अर्थ है 'पांच अमृत'। पांचों प्रकार के मिश्रण से बनने वाले पंचामृत से श्र‍ीकृष्ण प्रसन्न होते है। 

Use this method and enjoyment on Janmashtami children will be received

सामग्री 
250 मिली गाय का दूध  
2 टेबल चम्मच मिश्री पिसी हुई 
एक चम्मच शहद, 
एक चम्मच देशी घी 
दो चम्मच ताजा दही 
 3 तुलसी के पत्ते।

विधि  
- सबसे पहले गाय के ताजे दूध में पिसी मिश्री, शहद, दही एवं घी मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें। इसमें तुलसी के पत्ते मिलाएं। पंचामृत तैयार है।

- इस प्रकार दूध, चीनी, शहद दही और घी आदि पांच अमृतों को मिलाकर ही पंचामृत बनाया जाता है। पंचामृत का सेवन कई रोगों में लाभदायक और मन को शांति प्रदान करने वाला होता है। इसके सेवन से स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

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