संजीवनी टुडे

श्वास संबंधी रोग में राहत देगा ये आसान, जानें इसके फायदे

संजीवनी टुडे 11-05-2019 09:32:41


डेस्क। श्वास संबंधी रोग में बहुत ही फायदेमंद गोमुखासन हैं। नियमित रूप से योग करने से मनुष्य अपने दिमाग पर नियंत्रण रख सकता है। हमारे मन में दुख, क्रोध, अवसाद, घृणा इत्यादि के भाव आते रहते हैं जिन्हें कंट्रोल करना बहुत मुश्किल हो जाता है। योग की मदद से हम अपने विचारों को खुद पर हावी होने से रोग सकते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं, कि योग द्वारा भी आप  श्वास संबंधी रोग पर नियंत्रण पा सकते हैं। आज यहां आपको श्वास संबंधी रोग पर नियंत्रण पाने के लिए गोमुखासन के बारे में बताने जा रहे हैं। 

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गोमुखासन करने कि विधि   

-दण्डासन में बैठकर, बायें पैर को मोड़कर, एड़ी को दायें नितम्ब के पास रखें, अथवा एड़ी पर बैठ भी सकते हैं। दायें पैर को मोड़कर बायें पैर के ऊपर इस प्रकार रखें, कि दोनों घुटने एक दूसरे से स्पर्श करते हुए हों।

-अब जो पैर ऊपर है, उसी हाथ को ऊपर से, एवं नीचे वाले पैर की ओर के हाथ को पीछे कमर की ओर से ले जाकर, आपस में अंगुलियां फंसाकर खींचें।

-कोहनियां, गर्दन, और सिर सीधे रहेंगे। एक ओर से करने के बाद पुनः दूसरी ओर से भी कर लें। इस सम्पूर्ण क्रिया को ‘गोमुखासन’ कहते हैं।

अवधि/दोहराव- हाथों के पंजों को पीछे पकड़े रहने की सुविधानुसार 30 सेकंड से एक मिनट तक इसी स्थिति में रहें। इस आसन के चक्र को दो या तीन बार दोहरा सकते हैं।
सुझाव- हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में कोई गंभीर रोग हो तो यह आसन न करें। जबरदस्ती पीठ के पीछे हाथों के पंजों को पकड़ने का प्रयास न करें।

गोमुखासन के फायदे 

हाइड्रोसिल (अण्डकोष वृद्धि), एवं यौन-रोगों में विशेष लाभप्रद है।

लीवर, किडनी, एवं छाती को स्वस्थ बनाता है। 

तनाव दूर होता है। कंधे और गर्दन की अकड़न को दूरकर कमर, पीठ दर्द आदि में भी लाभदायक।

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 स्त्री-रोगों, गठिया में उपयोगी है।

छाती को चौड़ा कर फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाता है जिससे श्वास संबंधी रोग में लाभ मिलता है।

इससे हाथ-पैर की मांसपेशियां चुस्त और मजबूत बनती है। तनाव दूर होता है। 

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