संजीवनी टुडे

खान-पान में साफ-सफाई नहीं, तो वायरल हेपेटाइटिस का खतरा, जानें क्या है लक्षण

संजीवनी टुडे 14-06-2019 20:52:15

भारत में चार करोड़ से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस बी की समस्या से जूझ रहे हैं


जयपुर। हमारे देश में हेपेटाइटिस की समस्या काफी गंभीर है। पेट से जुड़ी इस बीमारी के लक्षण पेट की सामान्य बीमारी से शुरू होते हैं जो अंत में लिवर फेलियर तक पहुंच जाते हैं और इससे मरीज की मौत भी हो सकती है।

एक आंकड़े के मुताबिक भारत में चार करोड़ से ज्यादा लोग हेपेटाइटिस बी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं हेपेटाइटिस सी के करीब 12 लाख मरीज हैं। गर्मियों और बरसात के मौसम में दूषित पानी और भोजन ग्रहण करने से हेपेटाइटिस ए और बी होने की संभावना बंढ़ जाती है। 

रोग के लिए दूषित भोजन बडा कारण --
नारायणा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीनियर मेडिकल गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस के बढ़ते मामलों के लिये के लिये दूषित भोजन व खान-पान बडा कारण है। गर्मियों और बरसात के दिनों में बाहर के खाने-पीने या दूषित जल पीने से वायरल हेपेटाइटिस होता है। 

यह हैं लक्षण --
वायरल हेपेटाइटिस के लक्षणों में थकान, फ्लू जैसे लक्षण, गहरे रंग का मूत्र, हल्के रंग का मल, बुखार और पीलिया आदि शामिल है। वायरल हेपेटाइटिस कम लक्षणों के साथ हो सकता है और जल्दी पहचान में नहीं आता। सामान्य लक्षण होने के कारण इसका निदान देरी से होता है और मरीज का उपचार देरी से शुरू हो पाता है।

उपचार में देरी तो हो सकता है लिवर फेलियर -- 
वायरल हेपेटाइटिस का उपचार समय पर शुरू होना बहुत आवश्यक है। अगर इसकी समय पर पहचान न हो और उपचार शुरू न हो तो यह गंभीर हो जाता है। डॉ. मनोहर लाल शर्मा  ने बताया कि कुछ मामलों में यह हेपेटाइटिस पीलिया में तब्दील हो जाता है और मरीज को लिवर फेलियर भी हो जाता है। ऐसे में मरीज को तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है नहीं तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

बचाव के इन उपायों से रखें सावधानियां :
बहुत देर होने से पहले ही स्थिति का पता लगाने के लिए लीवर फंग्शन टेस्ट कराएं  
स्वस्थ आहार का सेवन करें
रोगाणुहीन (स्टर्लाइज्ड) सुई का ही इस्तेमाल करें
किसी संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क से बचें

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