संजीवनी टुडे

आये जानते है जामुन के अपार गुणों

संजीवनी टुडे 13-07-2018 14:52:19


डेस्क। दिखने में तो यह छोटा सा फल है लेकिन है गुणों की की अपार सम्पदा से भरा है। बेहद रसीला होने के साथ ही बहुत ज्यादा लाभकारी। मन जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास में इसी का सेवन किया। पुराणों में जिस अलौकिक जम्बूद्वीप का जिक्र किया जाता है वह जामुन के पेड़ों की नगरी ही तो है। इसकी पत्तियों से लेकर गुठलियां तक कई रोगों में दवा का काम करती हैं। सबसे ख़ास बात ये है जो इसे सबसे अलग बनती की यह कहि पर भी उगाया जा सकता है। अगली बरसात में ध्यान रखियेगा जमीन में जामुन की कुछ गुठलियां दबा देना।  (वैज्ञानिक नाम: सिजीगियुम क्यूमिनाइ) के बारे में। 

 

जामुन  जिसका वैज्ञानिक नाम: सिजीगियुम क्यूमिनाइ है। इसका पेड़ खूब लंबा-चौड़ा और घना होता है। यह सालभर हरा-भरा व छांव देता है। फरवरी-मार्च में इसमें फूल आने के बाद मई से जुलाई तक जामुन फलते हैं। जामुन से जैम और जैली, वाइन जूस व अन्य खाद्य पदार्थ भी बनाए जाते हैं। जामुन दवा के गुणों से भरपूर मौसमी फल है। यही नहीं आयुर्वेद के शास्त्रों में भी  जामुन के कई गुणों का राजा बतया गया है व कई रोगो  में लाभकारी बतया गया है। इसके पत्ते, फल, छिलका और गुठलियां कई प्रकार के रोगों में इस्तेमाल की जाती हैं।

सेहत व रोगो में वरदान है जामुन का फल 

- डायबिटीज रोगियों के लिए जामुन बहुत गुणकारी फल है। यह स्टार्च को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है और रक्त में शक्कर की मात्रा कम करता है। इसकी पत्तियां, तने की छाल और गुठली भी प्रमाणिक तौर पर मधुमेह के उपचार में काम आती हैं।
- इसमें प्रचुर मात्रा में लौह पाया जाता है, जो रक्त संबंधी बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद है। 

- यह पाचन तंत्र के लिए अच्छा फल है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह त्वचा पर पड़ने वाले दानों, झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करता है।

- जामुन और अमरूद के पत्ते मिलाकर दातुन करने से मुंह की दुर्गध नष्ट होती है और छाले भी ठीक होते हैं।

- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवैनॉइड से रक्त शुद्ध होता है जिससे लिवर स्वस्थ रहता है।

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