संजीवनी टुडे

हुक्का पिने वाले हो जाएं सावधान, इस घातक बीमारी का हो सकते हैं शिकार

संजीवनी टुडे 18-01-2020 09:17:25

युवाओं के बीच हुक्का स्टेट्स सिबल का रूप लेता जा रहा है। रेस्टोरेंट और विवाह-शादियों में भी अब फ्लेवर हुक्का का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। चूहों पर अपनी तरह के पहले अध्ययन में दावा किया गया है कि हुक्के से धूम्रपान करने से शरीर में खून के थक्के जम सकते हैं और हृदयाघात या दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है।


डेस्क। युवाओं के बीच हुक्का स्टेट्स सिबल का रूप लेता जा रहा है। रेस्टोरेंट और विवाह-शादियों में भी अब फ्लेवर हुक्का का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। चूहों पर अपनी तरह के पहले अध्ययन में दावा किया गया है कि हुक्के से धूम्रपान करने से शरीर में खून के थक्के जम सकते हैं और हृदयाघात या दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ सकता है।  'आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, थ्रोम्बोसिस और वैस्क्युलर बायलॉजी' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि हुक्का से निकलने वाले तंबाकू के धुएं से करीब 11 सेकंड के औसत समय के अंदर खून के थक्के बनने लगे। सामान्य तौर पर इसमें पांच मिनट लगते हैं। 

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जानकारी के अनुसार आपको बता दें की अध्ययन में शामिल अमेरिका स्थित अल पासो की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के फडी खासावनेह ने कहा, 'पश्चिम देशों में बहुत लोकप्रिय हो रहा हुक्का पीना सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक माना जाता है, जबकि हुक्के में जो विषैले तत्व होते हैं उनकी तुलना परंपरागत सिगरेटों से की जा सकती है और कई बार ये ज्यादा भी होते हैं। 

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वैज्ञानिकों ने अध्ययन में चूहे का संपर्क एक मशीन के माध्यम से हुक्के के धुएं से कराया जिसने असल जिंदगी में सिगरेट पीकर धुआं छोड़े जाने की तरह ही यह काम किया. इन मशीनों में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध 12 ग्राम फ्लैवर वाला तंबाकू इस्तेमाल में लाया गया। इसमें तंबाकू, ग्लिसरिन, खांड़ के साथ ही निकोटीन तथा टार वाले प्राकृतिक फ्लेवर हैं। धुएं के संपर्क में आए चूहों और धुएं के संपर्क में नहीं आये चूहों के बीच गतिविधियों की तुलना करते हुए अनुसंधानकर्ताओं ने पता लगाया कि हुक्का पीना सेहत के लिए हानिकारक है।

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शोधकर्ताओं का मानना है कि कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के लिए जहर जैसा काम करता है। हुक्का पीने वालों में एक्सरसाइज करने की क्षमता लगातार घटती है। हुक्का पीने वालों का फेफड़ा जल्द कमजोर होता है जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ अन्य विषैले कणों के कारण होता है।

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