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शिक्षा की अलख जगाने के लिए शिक्षा आपके द्वार कार्यक्रम चलाया जा रहा गांव-गांव

संजीवनी टुडे 24-09-2020 20:47:25

शिक्षा की अलख जगाने के लिए शिक्षा आपके द्वार कार्यक्रम चलाया जा रहा गांव-गांव


दुमका। डीसी राजेश्वरी बी ने कहा था कि कोरोना काल के दौरान बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। सरकार द्वारा लॉक डाउन में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो इसे ध्यान में रखते हुए डीजी साथ कार्यक्रम चलाया गया। लेकिन सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल गांव में एंड्रॉयड फोन की संख्या काफी कम है। इस कारण से बच्चे डीजी साथ कार्यक्रम से वंचित रह जाते थे। जरमुंडी प्रखंड के डुमरथर विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों ने मिलकर लॉक डाउन अवधि में भी बच्चों को पढ़ाने के लिए एक नई तरकीब का इजाद किया है। 

शिक्षकों ने समुदाय के सहयोग से एक सौ से अधिक ब्लैक बोर्ड का निर्माण छात्र-छात्राओं के घर के द्वार पर ही लगा दिया है। छात्र -छात्रा घर के बाहर दीवार पर बने श्यामपट्ट पर पढ़ाई कर रहे है। विगत कई महीनों से डूमरथर के पोषक क्षेत्रों में शिक्षा आपके द्वार समुदाय के साथ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षक बच्चों को प्रत्येक दिन भेजे जाने वाले कंटेंट को विस्तार से बताते हैं। साथ ही पाठ्यपुस्तक से भी बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। 

विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ सपन कुमार ने कहा कि कोरोना के कारण पूरे विश्व में पढ़ाई बाधित है। बच्चे शिक्षा से दूर नहीं रहे, इसके लिए डीसी ने भी कई बार निर्देश दिया है। समुदाय के सहयोग से “शिक्षा आपके द्वार“ समुदाय के साथ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। गांव में छात्र-छात्राओं के घर के बाहर दीवारों पर समुदाय के सहयोग से एक सौ से अधिक श्यामपट्ट का निर्माण किया गया है। इसका काफी लाभ बच्चों को मिल रहा है। इस कार्यक्रम में सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखा जाता है। कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क का उपयोग अनिवार्य किया गया है। 

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