संजीवनी टुडे

सरकारी कर्मचारियों को 22 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त करने का आदेश निंदनीय: कांग्रेस

संजीवनी टुडे 23-10-2020 17:03:16

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को सरकार के उस आदेश की कड़ी आलोचना की जिसमें 22 साल की सेवा या 48 साल की उम्र के बाद किसी भी सरकारी अधिकारी की जबरन सेवानिवृत्ति करने की बात कही गई है।


जम्मू। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को सरकार के उस आदेश की कड़ी आलोचना की जिसमें 22 साल की सेवा या 48 साल की उम्र के बाद किसी भी सरकारी अधिकारी की जबरन सेवानिवृत्ति करने की बात कही गई है। कांग्रेसी नेताओं ने इसे अत्यधिक मनमाना और अधिकारवादी कदम करार दिया।

आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि यह आदेश पूरी तरह से मनमाना है और इससे सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के हाथों में कर्मचारियों का अनावश्यक शोषण होगा और इससे अधीनता खत्म हो जाएगी। इसके अलावा अधिकारियों को उसके करियर के बीच में और कम उम्र में हटाने के डर से रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि नियोक्ता के रूप में सरकार को उचित आधार होने पर कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद किसी कर्मचारी को हटाने या सेवानिवृत्त करने का अधिकार है। सरकार बिना किसी कारण के सरकारी कर्मचारियों में भय पैदा कर रही है, खासकर भाजपा सरकार की जम्मू-कश्मीर के प्रति कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। पार्टी ने सरकार से कहा है कि कर्मचारियों में व्याप्त निराशा को दूर करने के लिए आदेश को रद्द किया जाये। 

पार्टी की ओर से जारी वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व मंत्री और उपाध्यक्ष जेकेपीसीसी रमन भल्ला, मूला राम, मुख्य प्रवक्ता रविन्द्र शर्मा, रजनीश शर्मा, योगेश साहनी पूर्व मंत्री, मनमोहन सिंह, पूर्व विधायक अशोक शर्मा, शिव देव सिंह, इंदु पवार, प्रकाश शर्मा, जीएल चलोत्रा, शब्बीर खान, हरि सिंह चिब और अन्य शामिल हैं।

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