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मुगल शासकों के समय जबरन धर्मांतरण के शिकार बाड़मेर के 50 मुस्लिम परिवारों की घर वापसी

संजीवनी टुडे 06-08-2020 22:48:28

अयोध्या की पावन धरती पर जिस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला विराजमान के लिए मंदिर निर्माण की आधारशिला रख रहे थे, उसी समय राजस्थान के सरहदी इलाके बाड़मेर जिले के सिणधरी उपखंड के मोतीसरा गांव के रहने वाले करीब 50 परिवारों ने घर वापसी की


जयपुर। अयोध्या की पावन धरती पर जिस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामलला विराजमान के लिए मंदिर निर्माण की आधारशिला रख रहे थे, उसी समय राजस्थान के सरहदी इलाके बाड़मेर जिले के सिणधरी उपखंड के मोतीसरा गांव के रहने वाले करीब 50 परिवारों ने घर वापसी की।

परिवारों के मुखियाओं के अनुसार औरंगजेब के समय उनके पूर्वज हिन्दू ही थे, लेकिन बाद में मुगलकालीन आक्रांताओं के दवाब में आकर उन्हें मुस्लिम धर्म धारण करवा दिया गया था। इन परिवारों ने पूजा-पाठ कर हवन में आहुतियां देकर हिन्दू धर्म अपनाया। इस मौके पर गांव में श्रीराम मंदिर की आधार शीला भी रखी गई। 

यह सभी परिवार ढाढ़ी जाति से आते हैँ। इतिहास के अनुसार जाटों में एक कंचन शाखा निकली है, सभी 50 परिवार उसी शाखा से ताल्लुक रखते हैं। इलाके करीब एक दर्जन गांवों में ढाढी समाज के लोग रहते हैं। मुखियाओं ने कहा कि हम सबने अपनी मर्जी से घर वापसी की है।

बुजुर्ग सुभनराम ने बताया कि मुगलकाल में मुस्लिमों ने हमें डरा-धमकाकर मुस्लिम बनाया था लेकिन हम हिंदू थे, मुस्लिम हमसे दूरी रखते थे। वंशावली की जानकारी होने के बाद हमने विचार किया कि हम हिंदू हैं और हमें वापस घर वापसी करनी चाहिए। हमारे रीति-रिवाज हिंदू धर्म से संबंध रखते हैं, इसके बाद 50 परिवारों ने वापसी की इच्छा जताई और फिर घर पर हवन-यज्ञ कराकर सालों बाद हिंदू धर्म को अंगीकार किया। 

विहिप जोधपुर प्रांत के धर्म प्रसार प्रमुख शैलेन्द्र सिंह भदौरिया बताते हैं कि-मुगलकाल में जाटों के यहां कंचन शाखा निकली थी। उसी दौरान मुस्लिम शासकों ने दवाब डालकर इन परिवारों को मुस्लिम धर्म अपनाने पर विवश कर दिया था। अब उन्होंने स्वेच्छा से हिन्दू धर्म धारण कर लिया। यह परिवार पिछले कई सालों से हिंदू रीति-रिवाजों का पालन कर रहे थे।

वे हर वर्ष अपने घरों में हिंदू त्यौहारों को ही मनाते रहे थे। उन्होंने कभी भी कोई धार्मिक कार्य मुस्लिम रीति-रिवाज से नहीं किया। घर वापसी करने वाले हंसा खान उर्फ हंसराज ने बताया कि मुगल शासकों के समय उनसे जबरदस्ती धर्मांतरण करवाया गया था लेकिन हम हिंदू देवी-देवताओं को मानते थे एवं हिंदू धर्म से ही संबंध रखते थे।

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