संजीवनी टुडे

कोर ग्रुप करेगा ’शुद्ध के लिये युद्ध’ अभियान की मॉनिटरिंग

संजीवनी टुडे 24-10-2020 09:20:51

प्रदेशभर में 26 अक्टूबर से मिलावटखोरी के खिलाफ शुरू होने वाले ’शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के बेहतर संचालन एवं मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर कोर ग्रुप गठित किया गया है।


जयपुर। प्रदेशभर में 26 अक्टूबर से मिलावटखोरी के खिलाफ शुरू होने वाले ’शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के बेहतर संचालन एवं मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर कोर ग्रुप गठित किया गया है। यह ग्रुप अभियान की जिला स्तरीय प्रबंधन समितियों तथा स्थानीय जांच दलों की निगरानी और समन्वय करेगा। मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस अभियान की अवधि 26 अक्टूबर से 14 नवंबर तक रहेगी। ’शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के दौरान, दूध, मावा, पनीर, मिठाइयों, दूध से बने अन्य उत्पादों, आटा, बेसन, खाद्य तेल एवं घी, सूखे मेवे, मसालों, अन्य खाद्य पदार्थों तथा बाट एवं माप की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। 

संचालन, प्रबंधन एवं प्रबोधन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का कोर ग्रुप
राज्य व्यापी अभियान के सुचारू संचालन, प्रबंधन एवं प्रबोधन के लिए राज्य स्तर पर गठित कोर ग्रुप में गृह तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभागों के प्रमुख शासन सचिव और खाद्य एवं आपूर्ति तथा पशुपालन एवं डेयरी विभागों के शासन सचिव शामिल हैं। यह कोर ग्रुप जिला स्तरीय प्रबंधन समितियों एवं जिला कलेक्टर से निरंतर संपर्क रखकर अभियान की अवधि में खाद्य पदार्थों में मिलावट कर प्रदेशवासियों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले खाद्य-पदार्थ उत्पादकों, थोक विक्रेताओं और बड़े खुदरा विक्रेताओं के विरूद्ध मौके पर ही सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। साथ ही अभियान के संदर्भ में विधिक कार्यवाही की लगातार मॉनिटरिंग कर अपराधियों और मिलावटखोरों को सजा दिलवाना सुनिश्चित करेगा। 

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रबंधन समिति गठित
अभियान के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रबंधन समिति गठित की गई है। इस समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला रसद अधिकारी प्रबंध निदेशक जिला डेयरी, उप विधि परामर्शी तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। समिति दैनिक आधार पर जांच के लिए संग्रहित किए गए नमूनों, उनकी टेस्टिंग रिपोर्ट, मौके पर नष्ट की गई सामग्री, दर्ज की गई एफआईआर की कार्रवाई की समीक्षा भी करेगी। समिति द्वारा दिन भर की कार्यवाही रिपोर्ट राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष को भेजी जाएगी।

सूचना देने वालों को 51,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि  
अभियान की अवधि में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले उत्पादकों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सूचना देने वालों को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मिलावट की जांच के उपरान्त फूड टेस्टिंग लैब में नमूने में मिलावट प्रमाणित पाए जाने के बाद जिला कलेक्टर द्वारा सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। 

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