संजीवनी टुडे

श्राप के चलते अधूरा रह गया ये मंदिर, आज भी नहीं हो पाया पूर्ण निर्माण!

संजीवनी टुडे 07-04-2019 11:44:29


नई दिल्ली। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, हम जिस मंदिर की बात कर रहे है वो सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर हैं जो मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही में पूर्णा नदी के तट पर बना हुआ हैं। बता दें कि इस मंदिर का निर्माण 11वीं सदी में प्रारंभ हुआ था। 

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मंदिर को बनवाने वाला आदमी राजा गय था। 11वीं एवं 12वीं सदी में भैंसदेही रघुवंशी राजा गय की राजधानी महिष्मति नाम से जानी जाती थी। कुछ पौराणिक मान्यताओं में बताया गया है कि, राजा गय शिवजी का काफी बड़ा भक्त था। ऐसे में उसने अपनी नगरी में एक शिव मंदिर का निर्माण करवाने का विचार किया। 

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इस मंदिर को तैयार करवाने हेतु राजा ने उस वक्त के काफी मशहूर वास्तुशिल्पी भाई नागर-भोगर को काम पर रखा। राजा ने उन्हें आदेश दिया कि महिष्मति में एक गजब के शिव मंदिर का निर्माण कीजिए। खबरों के मुताबिक, दोनों भाइयों के संबंध में एक विचित्र बात काफी प्रचलित थी। 

ऐसा बताया जाता हैं कि ये दोनों भाई नग्न अवस्था में मंदिर को बनाते थे। सात ही ये एक ही रात में बड़े से बड़ा मंदिर बना डालते थे। हालांकि इस काबिलियत संग उन्हें एक श्राप भी मिला हुआ था कि अगर उन्हें नग्न अवस्था में मंदिर बनाते हुए कोई देख ले तो वे दोनों पत्थर के बन जाएंगे। 

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फिर जब एक ये भाई नग्न अवस्था में मंदिर बना रहे थे तो अकस्मात से उनकी बहन भोजन लेकर वहां आ गई एवं इन दोनों को इस अवस्था में देख लिया। तत्पश्चात दोनों भाई पत्थर के बन गए एवं इस तरह मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया। 

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