संजीवनी टुडे

अपने ही घर में जंजीरों से बंधने को मजबूर हैं ये बच्चे, सच्चाई जानकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे

संजीवनी टुडे 19-08-2019 17:28:01

आज हम आपको जो कहानी बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।


नई दिल्ली। आज हम आपको जो कहानी बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ये कहानी है जंजीरों में बंधे बचपन की जो रोहतास जिला के डेहरी के बारह-पत्थर से आई है। यहां एक दम्पति अपने 4 बच्चों को जंजीर से बांधकर रखने को मजबूर है। 

gsfg

यह खबर भी पढ़े: अनोखा मंदिर, जिसकी दो धर्म के लोग करते हैं एक साथ पूजा!

जंजीर में बंधे हैं बच्चे
बता दें कि ये 4 भाई डेहरी के बारह- पत्थर मोहल्ला के निवासी शरफुउद्दीन अंसारी एवं प्रवीण बीवी के हैं। इन दोनों की कुल 8 संताने हैं जिसमें 4 लड़कों की मानसिक स्थिति सही नहीं है जिसके कारण आए दिन बच्चे उत्पात मचाते रहते है। अवसर प्राप्त होते ही ये बच्चे घर से बाहर भाग जाते हैं। 

ऐसे में मजबूरन दम्पति ने इन चारों मानसिक रोगी भाईयों की पैरों में लोहे की बेड़ियां पहना दी। पिता सरफुद्दीन का बताना हैं कि, पैदा होने के वक्त उनके बच्चे स्वस्थ थे, किन्तु जब चार साल की आयु हुई तो धीरे-धीरे मानसिक स्थिति खराब हो गई। बताते हैं कि एक साथ चार-चार बच्चे मानसिक बीमारी से पीड़ित हो गए, तो मुझ जैसे मेहनत-मजदूरी कर घर चलाने वाले के पास इनका उपचार कराना अब संभव नहीं है। 

gsfg

बेड पर ही होता है सारा कार्य 
रोजाना काम से लेकर सोने तक 24 घंटा उनके पांव में जंजीरें बंधी ही रहती हैं। इन लोगों को किसी प्रकार की कोई सरकारी सुविधा नहीं प्राप्त हो पाई है, यहां तक कि दिव्यांगों को प्रदान किए जाने वाले पेंशन तक भी मयस्सर नहीं हो पाया है। 

प्लीज सब्सक्राइब यूट्यूब बटन 

जब इस मामले में डिहरी के एसडीएम लाल ज्योतिनाथ शाहदेव से पूछा गया तो उन्होंने बोला कि वह शीघ्र ही बच्चों के उपचार की व्यवस्था करवाएंगे एवं दिव्यांगों को दी जाने वाली पेंशन की शुरुआत भी करेंगे। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From interesting-news

Trending Now
Recommended