संजीवनी टुडे

दूल्‍हा-दुल्‍हन को द‍िलाए 7 फेरे, फिर उनके साथ किया ऐसा खौफनाक काम…

संजीवनी टुडे 20-07-2019 13:26:19

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में डीजे की धुन पर बाकायदा बारात आई, दूल्हा-दुल्हन को सात फेरे दिलाए गए किन्तु आखिरी में दोनों को कुएं में फेंक दिया गया।


नई दिल्ली। आज हम आपको एक ऐसी अनोखी शादी के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में डीजे की धुन पर बाकायदा बारात आई, दूल्हा-दुल्हन को सात फेरे दिलाए गए किन्तु आखिरी में दोनों को कुएं में फेंक दिया गया। दरअसल इलाके में बरसात नहीं होने के कारण ग्रामीणों के जरिए ऐसा किया गया।

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जानिए इसके सम्बन्ध में क्या कहते है ग्रामीण गांव के लोगों का बताना है कि, बरसात नहीं होने पर उनके पूर्वजों के जरिए इस परंपरा का पालन किया जा रहा है। जो आज भी कायम है। गांव के लोगों के मध्य ऐसी मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी का विवाह करने से अच्छी बरसात होती है।

ये अनोखा विवाह छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के धौरपुर से लगे ग्राम सरईडीह में 18 जुलाई को हुई। मानसून ने यहां जैसे  दस्तक दी थी, वैसी वर्षा फिर नजर नहीं आई। ऐसे में राज्य के अनेक क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन गई है।

सरगुजा जिले के धौरपुर इलाके में बरसात नहीं होने से वहां के किसान बहुत चिंतित हैं। ऐसे में गांव सरईडीह के लोगों ने बरसात हेतु वर्षों से चली आ रही मेंढक-मेंढकी की शादी की परंपरा का पालन किया। 

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ग्रामीणों के मुताबिक, ये विवाह भगवान इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। उन्हें विश्वास है कि विवाह के पश्चात क्षेत्र में जमकर बारिश होगी और सूखे की स्थिति से उन्हें मुक्ति मिलेगी। 

शादी जैसा ही हुआ सबकुछ
मेंढक-मेंढकी के विवाह की विशेष बात यह रही कि पूरी विवाह वास्तविक लग रहा था। मेंढक पक्ष के लोग उसे वाहन से मेंढकी के घर लाए। डीजे व ढोल-नगाड़ों की धुन पर सभी ने नृत्य किया। 

मेंढक और मेंढकी को भिन्न-भिन्न शख्स अपने हाथों में पकड़े रहे तथा मंत्रोच्चारण के मध्य उन्हें सात फेरे दिलाए गए। विवाह समाप्त होने के पश्चात दोनों को गांव के कुएं में डाल दिया गया।

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