संजीवनी टुडे

...तो इसलिए पीले रंग की ही होती है स्कूल बस

संजीवनी टुडे 23-08-2019 17:41:30

सर्वप्रथम स्कूल बस का इस्तेमाल उत्तरी अमेरिका में 19वीं सदी में हुआ था।


नई दिल्ली। सर्वप्रथम स्कूल बस का इस्तेमाल उत्तरी अमेरिका में 19वीं सदी में हुआ था। चूकि उस वक्त मोटर गाड़ियां नहीं होती थी एवं इसलिए स्कूल से दूर रह रहे छात्रों को लाने एवं ले जाने के लिए घोड़ा गाड़ी का उपयोग होता था। 

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 किन्तु वहीं, 20वीं सदी के प्रारम्भ में स्कूल की गाड़ियों के रूप में घोड़ा गाड़ी के स्थान पर मोटर गाड़ियों का उपयोग होने लगा था, उन पर नारंगी या फिर पीला रंग चढ़ता था, जिससे वे अन्य मोटर गाड़ियों से भिन्न पहचान बना सके। 

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साथ ही आप यह जानकर भी चौंक जाएंगे कि स्कूल बसों को आधिकारिक रूप से पीले रंग से रंगने की शुरुआत साल 1939 में उत्तरी अमेरिका में ही हुई थी एवं फिर हिंदुस्तान, अमेरिका और कना़डा समेत विश्व के अनेक देशों में भी स्कूल की बसें पीले रंग की ही हो गई। 

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बता दें कि उच्चतम न्यायालय के जरिए भी स्कूली बसों को लेकर अनेक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिसके मुताबिक निजी स्कूल बसों का रंग भी पीला ही होना चाहिए तथा इसके सिवा स्कूल बस के आगे और पीछे 'स्कूल बस' लिखा होना आवश्यक है व यदि स्कूल बस किराये की है तो उस पर भी 'स्कूल बस ड्यूटी' लिखा होना काफी आवश्यक है। 

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

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