संजीवनी टुडे

क्रोध में आकर नीलकंठ ने खोल दिए थे अपने त्रिनेत्र, धरती पर आज भी मौजूद है वो जगह....

संजीवनी टुडे 18-09-2019 14:36:09

भोलेनाथ को शांत स्वभाव का माना जाता है। किन्तु जब उन्हें क्रोध आता है तो उनके प्रकोप से कोई भी बच नहीं पाता है।


नई दिल्ली। भोलेनाथ को शांत स्वभाव का माना जाता है। किन्तु जब उन्हें क्रोध आता है तो उनके प्रकोप से कोई भी बच नहीं पाता है। उनका ऐसा ही एक विकराल रूप हिमाचल प्रदेश में नजर आया था। जहां भोलेनाथ ने क्रोध में आकर अपने त्रिनेत्र खोल डाले थे। 

GDFG

यह खबर भी पढ़े:VIDEO: महिला ने बनाई दूध वाली मैगी, लोगों ने दी ऐसी-ऐसी प्रतिक्रिया

पौराणिक धर्म ग्रंथों की माने तो, धरती पर आज भी ये स्थान उपस्थित हैं। हिंदू प्राचीन ग्रंथों की माने तो, हिमाचल प्रदेश के मणिकर्ण नामक जगह पर भोलेनाथ ने अपनी तीसरी आंख खोली थी। कहा जाता है कि एक बार पार्वती जी के कान का कुंडल पानी में गिर गया था। जो बहते हुए पाताल लोक पहुंच गया था। 

इसे खोजने हेतु शिव जी ने अपने शिष्यों को आदेश दिया था। किन्तु वो इस काम में सफल नहीं हो पाए। जिससे भोलेनाथ काफी अप्रसन्न हो गए थे। जिसकी वजह से उनका भयानक नजर आया था। धार्मिक ग्रंथों की माने तो, शिव जी का ये गुस्सैल रवैया देख वहां नैना देवी प्रकट हुई थी। उन्होंने भोलेनाथ की मदद की। 

GDFG

वो पाताल लोक में जाकर शेषनाग से मणि लौटाने हेतु बोला एवं तब शेषनाग ने भोलेनाथ को वह मणि उपहार स्वरुप प्रदान कर दी। तब से वहां भोलेनाथ का एक मंदिर मौजूद है। नजदीक में ही एक गर्म पानी का स्त्रोत भी है। 

बताया जाता है कि जिन लोगों को त्वचा की बीमारी या फिर अन्य कोई दिक्कत होती है, उन्हें इस कुंड में नहाने से काफी फायदा होता है। इसके सिवा यहां पास में एक गुरुद्वारा भी है, जहां दर्शन करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From interesting-news

Trending Now
Recommended