संजीवनी टुडे

खंडग्रास चंद्रग्रहण के चलते काशी में फिर टूटी परंपरा, दिन में हुई विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती

संजीवनी टुडे 16-07-2019 17:21:59

धर्म नगरी काशी में मंगलवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण के चलते गंगा घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध सायंकालीन गंगा आरती की परम्परा एक बार फिर टूट गई।


वाराणसी। धर्म नगरी काशी में मंगलवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण के चलते गंगा घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध सायंकालीन गंगा आरती की परम्परा एक बार फिर टूट गई। 

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चन्द्र ग्रहण में सूतक काल को देख दशाश्वमेध और शीतलाघाट पर गंगा सेवा निधि और गंगोत्री सेवा समिति की ओर से होने वाली नियमित गंगा आरती अपराह्न तीन से चार बजे के बीच सम्पन्न हुई। गंगा आरती देखने के लिए अपराह्न बाद ही श्रद्धालु घाट पर पहुंचने लगे थे। 

गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि चन्द्र ग्रहण पर पुरानी मान्यताओं के अनुसार देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है। इसको देखते हुए घाट पर गंगा आरती के समय में परिवर्तन किया गया। अपराह्न  तीन बजे गंगा आरती शुरू की गई।

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गंगोत्री सेवा समिति के बाबू महाराज ने बताया कि गंगा आरती का समय इसके पहले भी ग्रहण काल में सूतक के कारण दो बार बदला है। उन्होंने बताया कि इसके पहले 27 जुलाई, 2018 को ग्रहण के कारण दोपहर में हुई थी। इसी तरह से 2017 में 8 अगस्त को दिन में आरती संपन्न कराई गई थी। 

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तीन वर्षों में तीसरी बार गंगा आरती का समय बदला है। बताते चले चंद्रग्रहण में नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। इस बार सूतक काल शाम 5.30 बजे से शुरू होकर मोक्ष काल बुधवार भोर 4.30 तक रहेगा। चन्द्र ग्रहण रात 1.30 से भोर 4.30 तक रहेगा। 

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