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किसान आंदोलन : हरियाणा कृषि मंत्री को गोली मारने की धमकी, किसानों ने लांघा फरीदाबाद का सीकरी बार्डर

संजीवनी टुडे 04-12-2020 19:57:51

हरियाणा कृषि मंत्री को गोली मारने की धमकी, किसानों ने लांघा फरीदाबाद का सीकरी बार्डर


चंडीगढ़। कृषि कानूनों के खिलाफ लामबंद किसानों का दिल्ली कूच थम नहीं रहा है। फरीदाबाद-पलवल की ओर से राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसानों ने दिल्ली में पड़ाव डालने के लिए कूच किया तो आठवें दिन शुक्रवार को सिंघु व टीकरी बार्डर पर किसानों का धरना जारी रहा। किसानों के धरने से राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर अन्य मार्गों पर लंबा जाम है।किसानों की ओर से 8 दिसम्बर तक दिल्ली की सभी सीमाएं सील करने का ऐलान किया गया है। अहम पहलू यह है कि हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल को अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारने की धमकी है। वहीं किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग को लेकर जजपा प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात की। इसके साथ ही जींद में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, हिसार सांसद बिजेंद्र सिंह का किसानों ने पुतला फूंककर प्रदर्शन किया।

शुक्रवार की सुबह राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसान पलवल से होते हुए फरीदाबाद बार्डर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सीकरी बार्डर पर रोक लिया। किसान वहीं धरने पर बैठ गए। शाम को किसान सीकरी बार्डर को लांघते हुए दिल्ली की ओर बढ़े। किसानों की योजना दिल्ली के बदरपुर बार्डर पर पड़ाव डालने की है। सिंघु व टीकरी बार्डर पर रहा किसानों के धरने में हर रोज भीड़ में इजाफा हो रहा है। हरियाणा की तमाम खाप पंचायतें धरनास्थल पर किसानों को समर्थन देने पहुंच रही हैं। खाप पंचायतें समर्थन देने के साथ-साथ किसानों के लिए खाद्य सामग्री भी लेकर पहुंच रही हैं।

कृषि मंत्री जेपी दलाल को गोली मारने की धमकी, केस दर्ज:
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के चलते शुक्रवार को हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल को अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर जान से मारने की धमकी है। मामले की शिकायत भिवानी के एसपी सुमेर प्रताप को दी है। साथ ही देश के गृह मंत्री अमित शाह और हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। थाना सदर प्रभारी इंस्पेक्टर विद्यानंद का कहना है कि धारा 294, 506 के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

जींद में फूंका उप मुख्यमंत्री का पुतला:
कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने जींद मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय के पास डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला तथा हिसार लोकसभा से भाजपा के सांसद बृजेंद्र सिंह का पुतला फूंका गया। यहां मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र घोघड़िया की अगुवाई में किसान आढ़ती पहुंचे। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों को लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व हिसार सांसद बृजेंद्र सिंह कुछ बोल रहे हैं। चुनाव के समय देवीलाल का पड़पोता बताकर दुष्यंत चौटाला तो दीनबंधू सर छोटूराम के नाम पर सांसद बृजेंद्र सिंह ने वोट मांगते हैं।

मुख्यमंत्री से बातचीत कर लेंगे फैसला:
किसान आंदोलन को खुलकर समर्थन न देकर भाजपा की सहयोगी जजपा बीच का रास्ता निकाल रही है। शुक्रवार को इनसो के अध्यक्ष एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय चौटाला तथा जजपा अध्यक्ष निशान सिंह के नेतृत्व में जजपा का एक शिष्टमंडल गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात करने पहुंचा। जजपा नेताओं ने विज से मुलाकात के दौरान दिल्ली कूच के दौरान दर्ज किए मामलों को वापस लेने की मांग की। इस पर गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री से बातचीत करके सकारात्मक कदम उठाया जाएगा।

हुड्डा ने की स्पेशल सत्र बुलाने की मांग:
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कृषि कानूनों पर राज्यपाल से विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विस में कृषि कानूनों पर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएगी, क्योंकि भाजपा आमजन का विश्वास खो चुकी है। हुड्डा ने सरकार को नसीहत दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो समस्या और ज्यादा बढ़ेगी। वे राजनीतिक रोटियां नहीं सेंक रहे, बल्कि कांग्रेस किसानों के साथ है।

किसानों के लिए डेथ वारंट है नए कृषि कानून: सैलजा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानूनों को किसानों के लिए डेथ वारंट करार दिया। सैलजा ने कहा कि नए कानून कृषि क्षेत्र को तबाह करने वाले हैं। इन कानूनों का कांग्रेस पुरजोर विरोध करने के साथ इन्हें निरस्त करने की मांग करती है। प्रदेश में जजपा, निर्दलीय और भाजपा के विधायक, जो किसानों के साथ हैं उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।

150 डॉक्टर उपलब्ध कराएंगे चिकित्सा सेवा:
ऐलनाबाद से इनेलो विधायक अभय चौटाला ने कहा कि जिस दिन किसान आंदोलन शुरू हुआ था, उसी दिन ऐलान कर दिया था कि इनेलो पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इस आंदोलन को मजबूत करने और केंद्र के तीनों काले कानूनों को खत्म करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को लड़ेगा। आंदोलनरत किसानों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ के करीब 150 डॉक्टरों की जिम्मेदारी लगाई है कि धरनास्थल पर जाकर वे बीमार लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाएंगे।

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