संजीवनी टुडे

movie review: 'पकड़वा विवाह' पर आधारित हैं जबरिया जोड़ी, इस मुद्दे पर हैं पूरी कहानी

संजीवनी टुडे 09-08-2019 11:34:56

परिणीति चोपड़ा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म जबरिया जोड़ी सिनेमाहॉल में रिलीज हो चुकी है। ये इस जोड़ी की दूसरी फिल्म है। इससे पहले ये जोड़ी फिल्म हंसी तो फंसी में काम कर चुकी है।


नई दिल्ली । परिणीति चोपड़ा और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म जबरिया जोड़ी सिनेमाहॉल में रिलीज हो चुकी है। ये इस जोड़ी की दूसरी फिल्म है। इससे पहले ये जोड़ी फिल्म हंसी तो फंसी में काम कर चुकी है। लखनऊ के बैकड्राप पर बनी इस फिल्म में अपराशक्ति खुराना, जावेद जाफरी, संजय मिश्रा, चंदनराय सान्याल, रसलान मुमताज, शरद कपूर भी अहम रोल में हैं।

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एकता कपूर की कंपनी बालाजी फिल्म्स में बनी इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत सिंह ने किया है, जिनकी बतौर निर्देशक ये पहली फिल्म है। 

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कहानी- फिल्म की कहानी 'पकड़वा विवाह' के आसपास घूमती है। इसमें पूर्वोत्तर बिहार में प्रचलित 'पकड़वा विवाह' पर आधारित है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा पटना के एक बाहुबली अभय सिंह का किरदार निभा रहे हैं। अभय भाई स्वयं ही ये पकड़वा विवाह करवाता है क्योंकि उनके पिता का मानना है कि ये एक पुण्य का काम है। वो ये समाज सेवा के तौर पर करते हैं।  

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उसका बचपन का प्यार बबली यादव (परिणीति चोपड़ा) उससे बिछड़ चुका था, मगर बबली की सहेली की शादी में ये दोनों मिलते हैं। बबली भी अभय सिंह से कम दबंग नहीं है। प्यार में धोखा देनेवाले अपने आशिक को वह सरेआम नैशनल टीवी पर पीटकर बबली बम बन चुकी है। बबली के पिता दुनियालाल (संजय मिश्रा) सीधे-सादे अध्यापक हैं, तो उसके दोस्तों की टोली में संतो (अपारशक्ति खुराना) जैसा हमदर्द भी है, जो बबली को मन ही मन चाहता है। अभय सिंह और बबली की मुलाकातें बढ़ती हैं और बबली का प्यार फिर जाग उठता है, मगर अब अभय सिंह का फोकस प्यार और शादी से हटकर इलेक्शन में चुनाव जीतने पर है। अभय और बबली का प्यार किस रास्ते जाता है? यह जानने के लिए आपको ये फिल्म देखनी होगी। 

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'पकड़वा विवाह' जैसे गंभीर मुद्दे पर हल्की-फुल्की कॉमिडी लेकर आए, मगर बिखरी हुई कहानी और मिसफिट कास्टिंग की वजह से फिल्म अपना प्रभाव छोड़ने में असफल रहती है। फिल्म न तो अपने मुद्दे को साबित कर पाती है और न ही कॉमिडी का डोज। 

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जावेद जाफरी और संजय मिश्रा ने अपने चरित्रों में जान डाल दी है। अपारशक्ति खुराना और चंदन रॉय सान्याल ने अच्छा काम किया है। सहयोगी कास्ट ठीक-ठाक है। 

 

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