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जावेद जाफरी ने पिता जगदीप के लिए लिखा इमोशनल नोट, बोले- आपका नाम सूरमा भोपाली ऐसे नहीं था

संजीवनी टुडे 13-07-2020 18:04:03

जगदीप हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपने अभिनय और कॉमेडी से बड़े पर्दे पर अमिट छाप छोड़ी। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जगदीप का आठ जुलाई को निधन हो गया।


मुंबई। जगदीप हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपने अभिनय और कॉमेडी से बड़े पर्दे पर अमिट छाप छोड़ी। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जगदीप का आठ जुलाई को निधन हो गया। वह 81 साल के थे। जगदीप ने अपने जीवन के 70 साल फिल्म इंडिस्ट्री को दिए थे। जगदीप के बेटे अभिनेता जावेद जाफरी ने अपने पिता को याद करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखा हैं। उन्होंने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उनके पिता को प्यार, इज्जत और दुआएं दी है।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा-'उन सभी लोगों का मेरा हार्दिक धन्यवाद जिन्होंने मेरे पिता के निधन पर दुख साझा किया। जावेद जाफरी ने नोट में आगे लिखा-'इतना प्यार, इतनी इज्जत और इतनी दुआएं..????? यही तो है 70 सालों की असली कमाई।' 10 से 81 तक, वह फिल्मों के लिए जीये और सांस लेते रहे। सात साल की उम्र में अपने पिता को खोने और विभाजन के बाद सब कुछ खो दिया। उस उम्र में सारी अच्छी चीजें खो देने के बाद मुंबई के फुटपाथ पर अस्तित्व के लिए मुकाबला आसान नहीं था। जैसे एक आठ साल के बच्चे को उसकी मां के साथ समुद्र में फेंक दिया हो और उन्हें या तो डूबना था या तैरना था। तो वह तैर गए।

छोटी टीन फैक्ट्रियों में काम करने से लेकर पतंग बनाने तक, साबुन बेचने और एक मालिशवाले के साथ उसके तेल का डब्बा लेकर 'मालिश तेल मालिश' चिल्लाने तक। 10 साल की उम्र में उनकी मंजिल ने उन्हें सिनेमा से मिलवाया, तब मानों अंधेरी गुफा में रोशनी मिल गई हो।

उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत बीआर चोपड़ा साहब की फिल्म 'अफसाना' (49 में शूट हुई लेकिन 51 में रिलीज हुई) से शुरू की थी जो आगे कई मीलों तक चली। बिमल रॉय, गुरु दत्त, महबूब खान और के. आसिफ उनके आदर्श थे। हिंदी सिनेमा के सबसे स्वाभाविक कलाकार से लेकर एक संवेदनशील व्यक्ति और एक कमाल की टाइमिंग के हास्य कलाकार होने तक, उन्होंने कभी भी मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। 

सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों, निर्माताओं और सह-कलाकारों जैसे दिलीप कुमार, गुरुदत्त, बलराज साहनी, किशोर कुमार, सुनील दत्त, अशोक कुमार, जॉनी वॉकर, महमूद, हेलेन, नंदा, राजकपूर, देव आनंद, शम्मी कपूर, लीला मिश्रा, अरुणा ईरानी, कन्हैया लाल, जीवन, फिरोज खान, एलवी प्रसाद, धर्मेंद्र, जीतेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, रेखा, राजेश खन्ना, विनोद खन्ना, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, ऋषि कपूर, राजश्री प्रोडक्शन, सुभाष धई, सलीम जावेद, नसीरुद्दीन शाह, ओमपुरी, अमरीश पुरी, डैनी, आरके संतोषी, इंद्र कुमार, श्रीदेवी, माधुरी, एसआरके, आमिर, सलमान और कई ज्यादा, थे और हैं, उनके लिए प्यार और प्रशंसा से भरे थे। 'लीजेंड' शब्द इन दिनों आम हो गया है, लेकिन उनके मामले में यह बहुत ही उचित है।

एक पिता जिसने मुझे जीवन के मूल्यों, गरीबी का पाठ, समर्पण का महत्व और शिल्प को तरासने, सकारात्मकता और प्रेरणा की अनगिनत कहानियों को सिखाया। हमेशा मुस्कुराते हुए, सभी के लिए प्रोत्साहन के शब्दों के साथ और मुझे याद दिलाते हुए कि सच्ची सफलता का अनुमान लगाया जाता है कि कोई क्या है और कोई क्या नहीं है, किसी को किस चीज से पहचाना जाता है और किस चीज से नहीं। क्या इंसान थे, क्या उनकी यात्रा थी।

हिंदुस्तान के लोगों को दो चीजों से बहुत लगाव है, एक है मां, दूसरा सिनेमा। मेरे पिता को भी इन दोनों से बहुत लगाव था। मैं उनके पसंदीदा दोहे के साथ समाप्त करना चाहूंगा जिसे उनकी मां ने सख्त तनाव के समय उद्धृत किया था और जिसे उन्होंने लगातार अनुस्मारक के रूप में इस्तेमाल किया-'वह मंजिल क्या, जो आसानी से तय हो, वह राही क्या, जो थक कर बैठ जाए। मगर अफसोस जिंदगी कभी कभी थक कर बैठने पर मजबूर कर देती है। हौसला बुलंद होता है पर जिस्म साथ नहीं देता।' उस इंसान को जिसे मैंने ’पापा’ कहा और जिसे दुनिया उनके विभिन्न अवतारों से जानती थी, सलाम!!! आपका नाम सूरमा भोपाली ऐसे नहीं था।'

जगदीप ने 400 से अधिक फिल्मों में काम किया था। उनके हर किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। जगदीप ने अपने करियर की शुरुआत चाइल्ड आर्टिस्ट 'मास्टर मुन्ना' के रूप में बीआर चोपड़ा की फिल्म अफसाना से की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट और फिर बाद में अलग-अलग किरदार के रूप में काम किया। दिग्गज अभिनेता जगदीप अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र अभिनीत फिल्म 'शोले' में सूरमा भोपाली के किरदार से मशहूर हुए थे।

जगदीप का जन्म 29 मार्च, 1939 को मध्य प्रदेश के दतिया में हुआ था। जगदीप का असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। जगदीप ने अपने करियर में ज्यादातर कॉमेडी रोल निभाए थे। जगदीप आखिरी बार 2012 में फिल्म गली गली चोर में पुलिस कांस्टेबल की भूमिका में नजर आए थे। पिछले साल जगदीप को आइफा समारोह में भारतीय सिनेमा में अतुल्य योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कर से नवाजा गया था।

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