संजीवनी टुडे

चुनावी चर्चा- रवि किशन और मनोज तिवारी की तनातनी

संजीवनी टुडे 15-04-2019 22:20:37


मुंबई। रवि किशन को आखिरकार गोरखपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी का टिकट मिल गया। ये सीट भाजपा के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि ये यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट है। रवि किशन इससे पहले जानपुर सीट पर दावा करते रहे हैं पिछली बार इसी सीट पर कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं। यहां से एक दिलचस्प किस्सा शुरु होता है, जिसके तार उनके सखा मनोज तिवारी से सीधे जुड़ते हैं। मनोज तिवारी इस वक्त दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हैं।

कोई कहता है कि रवि किशन को भाजपा में लाने में मनोज तिवारी का बड़ा योगदान है, लेकिन खुद रविकिशन इसे नहीं मानते। इशारों इशारों में वे पिछले चुनावों में जानपुर सीट से हार के लिए मनोज तिवारी को दोषी बता चुके हैं। दोनों एक ही भाषा के सिनेमा के सुपर स्टार माने जाते हैं और दोनों के बीच के मनमुटाव से कोई अनजाना नहीं है। कुछ दिनों पहले तक ऐसा दौर भी था, जब दोनों एक दूसरे का नाम तक सुनना पसंद नहीं करते थे। रवि किशन के एक करीबी ने इस बार भी मनोज तिवारी पर निशाना साधा।

मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

उनका कहना था कि रवि किशन को भाजपा प्रदेश के स्टार कैंपेनर की लिस्ट में रखना चाहती थी, लेकिन मनोज तिवारी ने ऐसा नहीं होने दिया, क्योंकि उनको डर था कि इससे रवि किशन का पार्टी में कद बढ़ जाता। रवि किशन अब गोरखपुर तक सिमटकर रह जाएंगे, जबकि मनोज तिवारी दिल्ली के अलावा बिहार और यहां तक कि मुंबई में भी पार्टी का प्रचार कर रहे हैं। कैमरे के सामने मनोज तिवारी ने जरुर रवि किशन के लिए मीठी मीठीं बातें कहीं, लेकिन अंदरुनी मामला इतना आसान नहीं है।

MUST WATCH & SUBSCRIBE

मनोज तिवारी के किसी समर्थक से बात कीजिए, तो साफ पता चलेगा कि वे प्रचार के लिए गोरखपुर नहीं जाएंगे। ये भी कहा जाता है कि रवि किशन भी नहीं चाहते कि मनोज तिवारी उनके लिए प्रचार करें। दूसरी ओर दिनेश निरहुआ के लिए मनोज तिवारी ने आजमगढ़ में प्रचार करने की खबर पक्की कर दी है। मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच कोल्डवार नई नहीं है। देखने वाली बात ये होगी कि भाजपा इन दोनों की ईगो से कैसे निपटेगी। 

 

More From entertainment

Loading...
Trending Now