संजीवनी टुडे

पद्मावती पर बोली करणी सेना, कहा-जोहर की ज्वाला है, बहुत कुछ जलेगा, रोक सको तो रोक लो

संजीवनी टुडे 15-11-2017 17:56:32

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जयपुर। भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' का विरोध आग की तरह बढ़ता ही जा रहा हैं। एक के बाद एक राज्यों में फिल्म में विरोध के स्वर गूंज रहे हैं। राजस्थान के बाद कई जिलों में इसका विरोध शुरू हो गया हैं। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं की जाएगी। हिन्दूचेतना के वैश्विक प्रसारक आचार्य धर्मेंद्र ने कहा है कि हिन्दुस्तान में हिंदू द्रोह निसंदेह देशद्रोह है।

केंद्र सरकार को इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाकर फिल्मकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। मंगलवार को कोटा में फिल्म के ट्रेलर (प्रोमो) के दौरान कुछ लोगों ने सिनेमाहाल में तोड़फोड़ की। लेकिन अब राजपूत करणी सेना आर या पार की लड़ाई के मुंड में हैं। करणी सेना संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने बुधवार को कहा की यदि पद्मावती फिल्म रिलीज होती है तो आगामी एक दिसम्बर को देश बंद कर दिया जाएगा।

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संस्थापक कालवी ने कहा कि गुजरात जैसे शांत राज्य में यह तय किया गया कि एक दिसम्बर को देश को बंद कर दिया जाए। अब फिल्म को लेकर कोई भ्रांति नहीं है। फिल्म में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। ऐसे में इसका प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। इसके प्रदर्शन रोकने को लेकर देशभर से लोगों का सहयोग मिल रहा है। हमारे बुजुर्गों ने आनबान के लिए सिर कटवा दिए थे। अभी तक अंहिसात्मक तरीके से फिल्म का विरोध किया जा रहा है। यदि फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली का यही रवैया रहा तो राजपूत करणी सेना सभी तरीके अपनाएंगी। कालवी ने कहा कि जोहर की ज्वाला है। बहुत कुछ जलेगा। रोक सको तो रोक लो।

एक बकवास पिछले सात-आठ दिन से चल रही है। एक दिसम्बर को पद्मावती फिल्म की जो रिलीज की बात की जा रहा है यह फिल्म एक दिसम्बर को नहीं लगेगी। फिल्म को रोकने को लेकर देशभर में जाकर लोगों से सम्पर्क किया जा रहा है। राजपूत करणी सेना के साथ तीस जनवरी को फिल्म को लेकर एग्रीमेंट हुआ था। इसके करणी सेना को विश्वास में लेकर फिल्म को चलाने की बात की जाएगी। कालवी ने कहा कि सिनेमेटोग्राफी एक्ट कहता है कि सेंसर बोर्ड की अनुमति से पूर्व फिल्म के प्रोमो रिलीज नहीं किए जा सकते हैं। सेंसर बोर्ड इतिहास की विवेचना नहीं करता है। उसकी अपनी सीमाएं हैं।

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सिनेमेटोग्राफी एक्ट का छह सेक्शन सी भारत सरकार को अधिकृत करता है कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास हो ना हो फिल्म को तीन महीने के लिए बंद किया जा सकता है। कालवी ने बताया कि ऐतिहासिक फिल्मों के लिए प्री सेंसर बोर्ड होना चाहिए। सूचना प्रसारण मंत्रालय को इसके लिए कहा गया था। इसको लेकर लगभग-लगभग स्वीकृति प्राप्त कर ली गई थी। इसमें दो पत्रकार, दो इतिहासकार और एक जज हो। इसका काम इतिहास की विवेचना करना होना चाहिए।

करणी सेना के महिपाल सिंह मकरणा ने कहा कि यदि फिल्म सेंसर बोर्ड से फिल्म पास हो जाती है तो इसका हम विरोध करेंगे। फिल्म को रोकने को लेकर देशभर से समर्थन मिल रहा है। वहीँ पद्मावती को लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने फिल्म सेंसर बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखकर फिल्म को मंजूरी देने से पहले आंदोलन कर रहे समाज से सहमति बनाने के साथ ही यदि निर्माता ने कोई गलत अंशों का इसमें  समावेश किया है तो उन्हे  हटाया जाए। सुमन शर्मा ने कहा कि रानी पद्मनी का इतिहास राजस्थान की आन-बान-शान से जुड़ा होने के साथ ही महिलाओं के सम्मान का भी संदेश देता है। आपको बता दें की फिल्म 'पद्मावती' एक दिसंबर को रिलीज़ हो रही हैं। इस फिल्म में रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिका में हैं। 

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