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लॉकडाउन नहीं तो कोरोना के खिलाफ कैसे जीतेंगे जंग
पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी संघातक बीमारी से लड़ रही है। यह बीमार अधिक लोगों में न फैले, इसके उपाय कर रही है लेकिन किस औषधि से इस वायरस को समाप्त किया जाए, यह अभी औषधि वैज्ञानिकों की समझ में नहीं आया है।
अर्थव्यवस्था ने मचाई त्राहि त्राहि
इस सदी की भीषण मंदी से जूझ रही भारत की अर्थव्यवस्था को एक बार फिर जोर का झटका लगा है। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने शक्रवार को वर्ष 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अपने पहले के अनुमान को घटा कर 2.5 फीसदी कर दिया है।
अपने घरों में रहकर हरायेगें कोरोना को
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है। आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की बीमारी से त्रस्त नजर आ रही है। कोरोना बीमारी को मध्य नजर रखते हुए भारत में भी 21 दिन का लॉक डाउन किया जा चुका है।
कोरोना, इम्यूनिटी औऱ वैश्विक मयखाने में तब्दील भारत..!
कोरोना वायरस शराब पीने से मर जाता है यह अफवाह भारत मे इतनी तेजी से फैली की सरकार और अब डब्ल्यू एच ओ तक को यह एडवाइजरी जारी करनी पड़ी की शराब से कोई वायरस नही मरता है ।
क्यों बेआबरू होकर खत्म हुआ शाहीन बाग धरना
कोरोना वायरस के कहर की अनदेखी करने वाले शाहीन बाग में बैठे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने अन्तत: जबरदस्ती हटा दिया। ये कोरोना वायरस से सहमे देश के धरने को समाप्त करने की तमाम अपीलों को भी खारिज कर रहे थे।
कोरोना महासंकट और मोदी की सूझबूझ
कोरोना कोहराम के बीच एक बड़ी वैश्विक खबर आयी है जिसमें कहा गया है भारत ने समय से पूर्व एहतियाती कदम उठाकर विश्व की दूसरी बड़ी आबादी वाले देश को अनहोनी से बचा लिया। इसके लिए भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सूझबूझ की सर्वत्र सराहना की जा रही है।
लीजिए हाजिए है ’लॉक डाउन’ तोड़नेवालों की बहानेबाजियां
जब से देशभर में ’लॉक डाउन’ हुआ है, तब से घर में कैद हूं। न घर से कोई बाहर जा सकता है और न ही कोई बाहर से अंदर ही आ सकता है।
निज पर शासन फिर कोरोना पर अनुशासन
आज पूरा विश्व कोरोना वायरस के खतरे का सामना कर रहा है। दुनियाभर की सरकारें युद्धस्तर पर इससे लड़ने को उद्यत है फिर भी इस महासंकट की मुक्ति का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है, संभवतः यह मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा संकट है, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित एवं पीड़ित है। महाशक्तियां भी लाचार नजर आ रही हैं। यह लड़ाई हर व्यक्ति को स्वयं अपने स्तर पर लड़नी पड़ रही है।
कोरोना बनाम लॉकडाउन बनाम गरीबी
भारतीय समाज में एक लोकोक्ति बहुत प्रसिद्ध है कि आफत अकेले नहीं आती है..अपने साथ और कई परेशानियों को भी लाती है। यह बात चीनियों द्वारा अविष्कृत कोरोना वायरस जनित रोग कोविड-19 में साफतौर पर देखा,सुना और भुगता जा रहा है।
कोरोना से भी खतरनाक है ‘हंता वायरस’
कोरोना वॉयरस से पूरी दुनिया त्राहिमाम है, इसी बीच चीन में एक और नए वायरस हंता ने जन्म ले लिया।
कोरोनाः सामाजिक कॉरपोरेट उत्तरदायित्व
कंपनियों के कोरोना वायरस से निपटने को लेकर किए जा रहे व्यय को उनके सामाजिक कॉरपोरेट उत्तरदायित्व (सीएसआर) का हिस्सा माना जाएगा।

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