संजीवनी टुडे

जम्मू-कश्मीर में हंगामा क्यों बरपा है ?

रमेश सर्राफ धमोरा

संजीवनी टुडे 30-07-2019 21:39:56

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से घाटी की मस्जिदों की डीटेल मांगे जाने से आशंकाओं का दौर शुरू हो गया है।


जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से हाल ही में जारी कुछ आदेशों के चलते सोमवार को घाटी में चर्चाओं का माहौल रहा और हालात में बेचैनी सी नजर आई। प्रदेश में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज थीं कि आने वाले दिनों में बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार प्रदेश के विशेष दर्जे को लेकर कोई अहम फैसला ले सकती है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से घाटी की मस्जिदों की डीटेल मांगे जाने से आशंकाओं का दौर शुरू हो गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अर्धसैनिक बलों के 10,000 जवानों की तैनाती का आदेश दिया था। इससे विपक्षी दलों को आशंका है कि केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में राज्य को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 35 को लेकर कोई अहम फैसला ले सकती है। घाटी में पूरे दिन अनिश्चितता का माहौल रहा और सियासी पार्टियों ने केंद्र सरकार से पूरी स्थिति साफ करने की मांग की।

इस बीच प्रदेश की मुख्य पार्टियां नैशनल काफ्रेंस और पीडीपी ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए हालात पर जवाब मांगा है। नैशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त मांगा है। वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सूबे में 10,000 अतिरिक्त जवानों को सिक्यॉरिटी ड्रिल के तहत तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका कोई विशेष मकसद नहीं है, लेकिन जनाधार खोने से डरे नैशनल कांफ्रेंस और पीडीपी बेवजह शोर मचा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हाल ही में पांच जोनों के पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर मस्जिदों की सूची और उनकी प्रबंधन समितियों के बारे में जानकारी देने को कहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया में यह भी तैर रहा है कि प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों से उनके इलाके में कितनी टैक्सियां हैं और पेट्रोल पंपों की कैपेसिटी के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।

नैशनल कांफ्रेंस के एक सीनियर लीडर ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला और पार्टी के दो लोकसभा सदस्यों हसनैन मसूदी और मोहम्मद अकबर लोन ने प्रधानमंत्री से तत्काल मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में वर्तमान स्थिति के बारे में लोकसभा में चर्चा करेगीनैशनल कांफ्रेंस नेता ने कहा कि अब्दुल्ला घाटी में स्थिति पर आम सहमति बनाने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी पार्टियों की एक बैठक आहूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार अनुच्छेद-35ए पर कुछ बड़ा फैसला ले सकती है। इसके अलावा केंद्र की मोदी सरकार घाटी से जुड़े कई अहम कदम उठा सकती है। सरकार का घाटी में जवानों की तैनाती पर विपक्षी पार्टीयां स्थिति को साफ करने की मांग कर रही है। वहीं पीपुल्स डेमोक्रेंटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया केंद्र के घाटी में अतिरिक्त दस हजार जवानों की तैनाती के फैसले ने लोगों में भय व मनोविकृति पैदा की है। कश्मीर में सुरक्षाबलों की कमी थोड़े ही है। उन्होंने कहा जम्मू एवं कश्मीर राजनीतिक समस्या है जिसे सैन्य तरीकों से नहीं सुलझाया जा सकता। भारत सरकार को अपनी नीति में बदलाव करने की जरूरत है। पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करके फारूक अब्दुल्ला से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। महबूबा मुफ्ती ने कहा हाल के घटनाक्रमों के प्रकाश में आने से जम्मू-कश्मीर में दहशत का माहौल है।

उन्होंने कहा कि मैंने डॉ फारूक अब्दुल्ला से एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। एक साथ आने और एकजुट प्रतिक्रिया देने के लिए समय की आवश्यकता है। हमें कश्मीर के लोगों के लिये एक होने की जरूरत है। वहीं नैशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि नैशनल कांफ्रेंस राज्य की जनांकिकी में कोई बदलाव करने की इजाजत नहीं देगी और जम्मू कश्मीर की विशिष्ट पहचान को खत्म करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।

नैशनल कांफ्रेंस (एनसी), पीपल्स डेमोक्रटिक पार्टी (पीडीपी) के अलावा जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जे एंड केपीएम) और राज्य के सभी क्षेत्रीय दलों ने अनुच्छेद-35ए और 370 के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया है। संविधान के इन दोनों अनुच्छेदों में किसी राज्य को विशेष दर्जा देने का प्रावधान है। वहीं इसके उलट भारतीय जनता पार्टी का तर्क है कि यह प्रावधान राज्य के एकीकरण में बाधा बनने के साथ ही जम्मू एवं कश्मीर के विकास में भी बाधा बने हुए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज पर सरकार की ओर से सफाई आई है। राज्य के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार विजय कुमार ने कहा कि यह अफवाह है। इस अफवाह का आधार क्या है? अगर सोशल मीडिया पर कोई संदेश वायरल हो रहा है तो इसका जवाब देना जरूरी नहीं है। मैं हर चीज का जवाब नहीं दूंगा। विजय कुमार ने सैन्य बलों को लेकर घाटी में प्रसारित अलग अलग वीडियो को अफवाह बताते हुए इस पर ध्यान नहीं देने की अपील की। कुमार ने कहा कि कश्मीर घाटी में सैन्य बलों की ज्यादा तैनाती रूटीन प्रक्रिया है। विजय कुमार ने कहा कि अमरनाथ यात्रा और आतंकरोधी कार्रवाई को देखते हुए सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है।

नैशनल कांफ्रेंस प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य इस वक्त शांतिपूर्ण दौर से गुजर रहा था मगर सुरक्षा बलों को भेजे जाने के बाद लोगों में संशय पैदा हो गया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आखिर आवाम के बीच डर क्यों पैदा किया जा रहा है? फारूक अब्दुल्ला धमकी भरे शब्दों में कहा कि यदि ये लोग धारा 35 ए हटाते हैं कि तो उन्हें संविधान की हर धारा हटानी पड़ेगी व उन्हें 1947 के दौर में जाना पड़ेगा। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में राजनीतिक दल किसी तरह का खौफ पैदा नहीं कर रहे हैं।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

More From editorial

Trending Now
Recommended