संजीवनी टुडे

यूं ही टीम इंडिया के हिटमैन नहीं कहे जाते रोहित शर्मा

- योगेश कुमार गोयल

संजीवनी टुडे 15-10-2019 14:34:26

विराट कोहली की कप्तानी में 13 अक्तूबर को पुणे टेस्ट में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को एक पारी और 137 रनों से हराकर एक नया इतिहास रच दिया है। इसी जीत के साथ भारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया है, जिसे आज तक टेस्ट क्रिकेट में कोई भी टीम हासिल नहीं कर पाई है।


विराट कोहली की कप्तानी में 13 अक्तूबर को पुणे टेस्ट में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को एक पारी और 137 रनों से हराकर एक नया इतिहास रच दिया है। इसी जीत के साथ भारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया है, जिसे आज तक टेस्ट क्रिकेट में कोई भी टीम हासिल नहीं कर पाई है। भारत घरेलू मैदानों पर 11 टेस्ट सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करने में सफल हुआ है जबकि इससे पहले यह रिकॉर्ड आस्ट्रेलिया के नाम दर्ज था, जो घरेलू मैदानों पर 10 मैचों में जीत हासिल कर चुका है। टेस्ट मैचों की इस श्रृंखला ने टीम इंडिया को एक ऐसा सलामी बल्लेबाज भी दिया है, जो इससे पहले एकदिवसीय मैचों तथा टी-20 में बतौर ओपनर धूम मचा चुका है। जी हां, हम बात कर रहे हैं बतौर ओपनर टेस्ट कैरियर की शुरूआत करने वाले टीम इंडिया के उपकप्तान रोहित शर्मा की, जिनका लगातार सात पारियों में बेहतरीन रन बनाने का सिलसिला 10 अक्तूबर के टेस्ट मैच की आठवीं पारी में भले ही टूट गया था लेकिन जिस प्रकार उन्होंने भारतीय सरजमीं पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए पहले ही टेस्ट में बैक टू बैक शतक लगाकर एक नई उम्मीद जगाई और टेस्ट की लगातार सात पारियों में प्रत्येक पारी में 50 या उससे ज्यादा रन बनाए, उसके चलते क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें उनसे बहुत बढ़ गई हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि वे सिर्फ टी-20 या वनडे ही नहीं बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाने की काबिलियत रखते हैं। इन सात पारियों में उन्होंने तीन शतक भी जड़े थे। इन पारियों में उनका स्कोर 82, 51, 102, 65, 50, 176 तथा 127 रहा। हालांकि दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में रोहित इस सिलसिले को बरकरार नहीं रख पाए। इस आठवीं पारी में वे सिर्फ 14 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए लेकिन लगातार सात पारियों में तीन शतक और चार अर्द्धशतक जड़कर टेस्ट मैचों में भी सलामी बल्लेबाज के रूप में अपना दमखम दिखाते हुए रोहित ने बखूबी साबित कर दिया है कि वे इस दौर के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं और उन्हें यूं ही ‘टीम इंडिया का हिटमैन’ नहीं कहा जाता है।
    
रोहित का भारत में टेस्ट क्रिकेट में औसत देखें तो यह भी कमाल का है। अब तक 11 टेस्ट मैचों की कुल 17 पारियों में वे 90.50 की औसत से 1086 रन बना चुके हैं। भारत में टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने पांच शतक लगाए हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 177 रनों का है, जो उन्होंने 2013 में अपने डेब्यू टेस्ट मैच के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा था। रोहित ने टेस्ट क्रिकेट में अभी तक जितने भी शतक लगाए हैं, सभी भारत में ही लगाए हैं। विदेशी धरती पर वे अभी तक एक भी टेस्ट शतक नहीं लगा सके हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले गए पहले टेस्ट मैच की 244 गेंदों की पहली पारी में रोहित ने 23 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 176 और दूसरी पारी में 10 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 127 रन बनाए थे। इन दोनों पारियों में कुल 13 छक्के जड़ते हुए 303 रन बटोरकर उन्होंने कुछ पुराने रिकॉर्डों को भी ध्वस्त कर दिया। एक सलामी बल्लेबाज के रूप में रोहित ने आस्ट्रेलिया के केप्लर वेसल्स के 1982-83 में ब्रिसबेन में इंग्लैंड के खिलाफ दो पारियों में 208 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अपने पहले ही टेस्ट मैच में तीन सौ से भी ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। बतौर ओपनर रोहित अपने पहले ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं। पहली पारी में उन्होंने सात और दूसरी में छह छक्के जड़े और इस प्रकार एक टेस्ट में सर्वाधिक छक्के जड़ने का 23 वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ डाला, जो पाकिस्तान के वसीम अकरम के नाम था। वसीम ने यह रिकॉर्ड 1996 में जिम्बाब्वे के खिलाफ एक टेस्ट मैच में 12 छक्के जड़कर बनाया था।
    
भारत में यह रिकॉर्ड पूर्व सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू के नाम दर्ज था, जो उन्होंने 1994 में श्रीलंका के खिलाफ एक पारी में आठ छक्के लगाते हुए बनाया था। सिद्धू को उस मैच में दूसरी पारी खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी। उन्होंने तब 124 रनों की पारी खेली थी, जिसके लिए उन्होंने 223 गेंदों पर 9 चौके और 8 छक्के लगाए थे और भारत ने वह मैच पारी और 119 रन से जीता था। रोहित ने सिद्धू का 25 साल पुराना यह रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। रोहित एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में स्टंप आउट रहने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं। रोहित टेस्ट मैचों की दोनों पारियों में शतक बनाने वाले छठे भारतीय बल्लेबाज भी बने हैं। उनसे पहले यह कारनामा सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, विजय हजारे, विराट कोहली तथा अजिंक्य रहाणे के नाम दर्ज था। सुनील गावस्कर ने तीन बार और राहुल द्रविड़ ने दो बार यह करिश्मा किया है।
    
भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने कई प्रयोगों के पश्चात् एकदिवसीय मैचों तथा टी-20 के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा पर टेस्ट मैचों में भी ओपनिंग के लिए भरोसा जताया था और टेस्ट क्रिकेट के लिए सुखद संकेत यही है कि रोहित इस प्रयोग में खरे साबित हुए हैं। टेस्ट मैचों में भारत एक मजबूत सलामी जोड़ी की कमी से जूझ रहा था और लगने लगा है कि यह कमी रोहित तथा मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी ने पूरी कर दी है। विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए टेस्ट की पहली पारी में रोहित और मयंक की सलामी जोड़ी ने 317 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी। बतौर सलामी बल्लेबाज एक नए सलामी अवतार में सामने आए रोहित शर्मा अब वनडे, टी-20 तथा टेस्ट, क्रिकेट के इन तीनों ही प्रारूपों में धमाल मचा रहे हैं और इन सभी प्रारूपों के एक-एक मैचों में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले वे इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं।

टेस्ट मैचों में रोहित के बेहतरीन प्रदर्शन से प्रभावित होकर ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ के नाम से विख्यात पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर भी रोहित की जमकर तारीफ किए बिना नहीं रह सकेे। शोएब का कहना है कि उन्हें बांग्लादेश में 2013 में ही रोहित की असली क्षमता का अहसास हो गया था और तभी उन्होंने रोहित को कहा था कि वह अपने नाम के आगे ‘जी’ लगाकर अपना नाम ‘ग्रेट रोहित शर्मा’ कर लें क्योंकि भारत में उनसे बड़ा कोई दूूसरा बल्लेबाज नहीं है। शोएब कहते हैं कि रोहित जिस प्रकार क्रीज पर उतरते ही अपने स्वाभाविक खेल पर आ जाते हैं और गेंदबाजों की धुलाई शुरू कर देते हैं, उससे साफ है कि उन्हें यह समझ आ गया है कि उन्हें टेस्ट मैचों को भी वनडे की तरह खेलना है।
    
30 अप्रैल 1987 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे रोहित गुरूनाथ शर्मा ने कभी स्पिन गेंदबाजी से अपने क्रिकेट कैरियर की शुरूआत की थी और वे कब मध्यम क्रम बल्लेबाजी से टीम इंडिया के एक सफल और भरोसेमंद ओपनर और अब टेस्ट मैचों के सलामी बल्लेबाज बन गए, पता ही नहीं चला। वह एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक दोहरे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज हैं और क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज भी हैं, जो वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और अंतर्राष्ट्रीय 20-20 में चार शतक लगा चुके हैं। एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एक मैच में सर्वाधिक 33 चौके लगाने वाले भी वह पहले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा 2013 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ एक वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैच में अपनी 209 रनों की पारी के दौरान सर्वाधिक 16 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है। टी-20 अतंर्राष्ट्रीय मैच में भी वे सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। 2017 में श्रीलंका के खिलाफ टी-20 में 118 रनों की शानदार शतकीय पारी के दौरान उन्होंने 10 छक्के जड़े थे। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगा चुके रोहित आईपीएल के सफलतम खिलाड़ी भी माने जाते हैं।
    
अगर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने की बात करें तो सर्वाधिक रन बनाने वाले पहले दो बल्लेबाज भारत के ही हैं, जो दुनिया के दूसरे बल्लेबाजों के मुकाबले लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए न केवल रन बटोर रहे हैं बल्कि नए-नए रिकॉर्ड भी बना रहे हैं। सर्वाधिक रन बनाने के मामले में टीम इंडिया केे कप्तान विराट कोहली पहले स्थान पर हैं लेकिन रोहित भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं और वे जिस तरह की धमाकेदार पारियां खेल रहे हैं, ऐसे में अगर वे इस साल के अंत तक विराट से दो कदम आगे भी निकल जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। फिलहाल जहां विराट रन बनाने के मामले में रोहित से थोड़ा आगे हैं, वहीं रोहित शतक लगाने के मामले में विराट से आगे चल रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित इस वर्ष अब तक आठ शतक लगा चुके हैं। रोहित ने इसी साल विश्व कप के दौरान पांच शतक लगाए थे जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हाल ही में लगातार दो शतक लगाए हैं। बहरहाल, टेस्ट मैचों में रोहित का सलामी अवतार देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों को आस जगी है कि आने वाले दिनों में रोहित के बल्ले से रनों के अंबार के साथ नए-नए रिकॉर्ड भी निकलेंगे और भारत एकदिवसीय मैचों तथा टी-20 के बाद टेस्ट क्रिकेट में भी इतिहास रचेगा।

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