संजीवनी टुडे

ई-सिगरेट से होता है सेहत पर खतरनाक असर

हर्ष शर्मा

संजीवनी टुडे 19-09-2019 14:32:14

सालों से धूम्रपान चर्चा का विषय रहा है, यह मानव जनहानि का एक ऐसा विषय है जिस पर दुनिया भर के कई देश चर्चा में रहे हैं, भारत भी उनमें से एक है। धूम्रपान ना सिर्फ हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि पूरे शरीर में नाना प्रकार की बीमारियों का कारण भी बनता है।


सालों से धूम्रपान चर्चा का विषय रहा है, यह मानव जनहानि का एक ऐसा विषय है जिस पर दुनिया भर के कई देश चर्चा में रहे हैं, भारत भी उनमें से एक है। धूम्रपान ना सिर्फ हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि पूरे शरीर में नाना प्रकार की बीमारियों का कारण भी बनता है। 21वीं सदी के इस युग में टेक्नोलॉजी की सहायता से विभिन्न प्रकार से मानव संसाधन के हर मुश्किल काम को आसान बनाने का मानव द्वारा प्रयास किया गया है किंतु इसी प्रयास के अंतर्गत कुछ ऐसे भी आविष्कार हुए हैं जो मानव संसाधन की मुश्किलों को आसान तो बनाते हैं लेकिन उसके परिणाम बिल्कुल विपरीत होते हैं, ऐसा ही एक आविष्कार ई सिगरेट को बनाने के लिए किया गया।

ई सिगरेट एक बैटरी चालित उपकरण है जो निकोटिन के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक प्रदान करता है। यह सिगरेट, सिगार या पाइप जैसे धुम्रपान वाले तम्बाकू उत्पादों का एक विकल्प है। तथाकथित निकोटीन वितरण के अलावा यह वाष्प पिये जाने वाले तम्बाकू के धुंएं के समान स्वाद और शारीरिक संवेदन भी प्रदान करती है जबकि इस क्रिया में दरअसल कोई धुंआ या दहन नहीं होता है।

बुधवार को कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सितारमण ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरकार ने ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। वित्त मंत्री ने कहा, अब ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, परिवहन, आयात, निर्यात, जमा करने और यहां तक कि वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए एक अध्यादेश लाया गया है। प्रस्तावित अध्यादेश में उल्लंघन करने वालों पर अधिकतम एक साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की सेहत पर ई-सिगरेट का जो असर हो रहा है उसे ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध का फैसला लिया है
पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्लेवर्ड ई सिगरेट को पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। अमेरिका में तकरीबन 6 मौतें और 450 से  ज्यादा फेफड़े से जुड़ी बीमारियों के पाए जाने की सूचना आई है और इनका संबंध सीधे तौर पर ई सिगरेट से जुड़ा हुआ है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में ई सिगरेट का व्यापार तकरीबन 19.3 बिलियन डॉलर का है जिसमें की अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस व्यापार के सबसे बड़े केंद्र हैं, भारत में इसका व्यापार इतना ज्यादा अनुपात में नहीं है, किन्तु तेजी से बढ़ने लगा है।

भारत में हजारों लोग धूम्रपान की आदत से मजबूर है और ऐसे में जब ई सिगरेट जैसी टेक्नोलॉजी मदद करने लगती है तो परिणाम भयावह होते हैं और ऐसा ना हो इसके लिए सरकार ने समय रहते सही कदम उठाया भी है। हमारे देश में ज्यादातर धूम्रपान करने वाले लोग युवा होते हैं और देश का युवा स्वस्थ रहे उसके लिए इन सभी चीजों से जितना ज्यादा बचे उतना लाभदायक होता है, हालांकि कुछ दिनों पहले एक खबर आई थी जिसमें लिखा था की जब से सिगरेट के पैकेट पर कैंसर जैसे रोग के बारे में जानकारी दी जा रही है, तो परिणाम स्वरूप सिगरेट का व्यापार और तेजी से बढ़ गया अब यह धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों पर निर्भर करता है कि वह इन चीजों से कितना बच सकते हैं सरकार सिर्फ संदेश दे सकती है रोक हमें खुद ही लगानी होगी।

More From editorial

Trending Now
Recommended