संजीवनी टुडे

चांद से लाना भ्रष्टाचार मिटाने की दवाई!

--रामविलास जांगिड़

संजीवनी टुडे 23-07-2019 14:24:20

मैंने चांद पर जाने का ऐलान किया तो पत्नी कोप भवन में जाकर बैठ गई जैसा की पत्नियों की आदत होती है। पत्नी ने रोने-सिसकने की मिसाइलें दागनी शुरु कर दी। सिसकियों के बीच रिस-रिस कर यही आवाज आती रही कि तुम जहां भी जाते हो अकेले-अकेले ही जाते हो। मुझे कभी कहीं भी घुमाने नहीं ले जाते।


मैंने चांद पर जाने का ऐलान किया तो पत्नी कोप भवन में जाकर बैठ गई जैसा की पत्नियों की आदत होती है। पत्नी ने रोने-सिसकने की मिसाइलें दागनी शुरु कर दी। सिसकियों के बीच रिस-रिस कर यही आवाज आती रही कि तुम जहां भी जाते हो अकेले-अकेले ही जाते हो। मुझे कभी कहीं भी घुमाने नहीं ले जाते। बस पड़ी रहती हूं घर में और तुम घर में कभी टिकते ही नहीं। छत पर चढ़कर भी देखूं तो दूर-दूर तक दिखते भी नहीं। देखते ही देखते आंसुओं से पूरा घर लबालब हो गया। आंसुओं की इस बाढ़ में हमारा घर टापू बन गया। कहीं से एक चापलूसी की नाव का जुगाड़ किया। कहा -इस बार में जाकर आता हूं और वादा किया कि अगली बार हर हाल में तुम्हें साथ ले जाऊंगा। किसी तरह से इस मामले को नियंत्रण में लिया लेकिन अंत तक तनावपूर्ण बना ही रहा। पत्नी ने कहा कि चांद पर जाओ पर ध्यान से जाना। यान के बिल्कुल बीचों-बीच ही बैठना। ड्राइवर के पास हरगिज मत बैठना। सामने से टकराने का डर रहता है। पीछे की ओर भी मत बैठना। यान में ही बैठना। कोई कार-जीप में लटक मत जाना। पीछे से कोई भी टक्कर मार सकता है। वे चलाते ही अंधाधुंध हैं। आते वक्त भिंडी और करेले लेते आना। देख कर के लाना। आंखें खोल कर लाना। किसी चांदनी के साथ मत अटक जाना। तुम्हें कोई भी बेवकूफ बना देता है। पिछली बार जब भिंडी लाए तो इतनी कड़क उठा लाए की कुल्हाड़ी से काटो तो कटने का नाम नहीं ले रही थी। करेले लाए तो वे भी महाकड़क उठा लाए। जिनमें सिर्फ बीज ही बीज दिखाई दे रहे थे। तुम्हें बिल्कुल अकल तो है नहीं! ध्यान से लाना। 

...और हां! चावल बिल्कुल खत्म हो गए हैं घर में। लेते आना। कचरा चावल मत उठा लाना। ज्यादा महंगे भी मत लाना। तुम्हारा कोई भरोसा नहीं है। देखभाल करके पाव भर ही लाना। ऐसा नहीं कि 5 किलो उठा लाओ। तेलाराम हलवाई के पीछे भूत वाली गली में जो परचूनी रहता है वहीं से लाना। वह अच्छे देता है। और सुनो। महीना भर हो गया मशीन की सुई भी टूटी हुई है। तुम्हें कहते-कहते जुबान पक गई। इस बार तुम सुई जरूर लेते आना। और हां! सुई 18 नंबर की लाना। ऐसा नहीं कि तुम 24 नंबर की सुई उठा लाओ और वापिस करने फिर चांद पर चक्कर मारते फिरो। चांद पर जा रहे हो तो एक पत्थर जरूर ले आना। ऐडी घिसने के काम आएगा। सुना है कि चांद पर पत्थर बहुत पाए जाते हैं। बिटिया ने कहा -पापा जा रहे हो तो आप भूतिया हलवाई से चार समोसे जरूर लेते आना। हां उसके साथ चटनी भी लाना। वो चटनी दो प्रकार की देगा। ऐसा नहीं कि आप मना कर दो और बिना चटनी के खाली समोसे ही लेकर आ जाओ। बेटे ने कहा -पापा जाते समय मेरी स्कूल की फीस भी जमा कराते जाना। 3 महीने हो गए। अभी तक फीस जमा नहीं कराई है। अगर अब 3 दिन में फीस जमा नहीं होगी तो स्कूल से मेरा नाम कट जाएगा। ...और हां! जब चांद पर जाओ तो धरती की ओर देखना जरूर। हम छत पर खड़े-खड़े आपको देखते रहेंगे। जाते ही फोन कर देना। ऐसा नहीं कि आप कह दो की बैटरी खत्म हो गई। या फिर कह दो कि नेटवर्क नहीं मिल पाया। फोन जरुर कर देना। फोन फटाफट उठा भी लेना। घर में नाना प्रकार की हिदायतें चल रही है। मैं चांद पर जाने के लिए तैयार हो रहा हूं। सबको पूछ रहा हूँ। कुछ लाना हो तो कह देना। गली से आवाज आई। ले आना भ्रष्टाचार मिटाने की दवाई। धर्म के झगड़े बाजों के लिए शांति की पुड़िया और ऐसा विश्वास जिसमें निर्भय स्कूल जा सके गुड़िया।

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