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नए श्रम कानूनों के खिलाफ बीएमएस का श्रम शक्ति भवन पर प्रदर्शन

संजीवनी टुडे 28-10-2020 16:31:33

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने केंद्र सरकार के श्रम सुधार कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए आज देश भर में धरना-प्रदर्शन किया।


नई दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने केंद्र सरकार के श्रम सुधार कानूनों को मजदूर विरोधी बताते हुए आज देश भर में धरना-प्रदर्शन किया। इसी क्रम में भारतीय मजदूर संघ की दिल्ली प्रदेश इकाई ने यहां श्रम शक्ति भवन पर प्रदर्शन किया। बीएमएस ने दावा किया कि इस प्रदर्शन में संगठित और असंगठित क्षेत्र के हजारों मजदूरों ने भाग लिया। 

राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी सुरेन्द्रन ने कहा कि श्रम कानूनों में अनेक मजदूर विरोधी प्रावधान किए गए हैं, जिसका श्रमिक जगत पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की नीयत से नई श्रम संहिता में 300 से कम कर्मचारियों वाले संस्थान का मालिक कभी भी नौकरी से छंटनी कर सकता है तथा बिना किसी नोटिस के उद्योग को बंद भी कर सकता है। इसके लिए उसे सरकार से कोई अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

क्षेत्रीय संगठन मंत्री पवन कुमार ने कहा कि नए श्रम कानून में देश भर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतनमान निर्धारित किया गया लेकिन वर्षों से काम कर रही हमारी आंगनवाड़ी सहित अन्य सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन और अन्य लाभों से वंचित रखा गया है। 

प्रदेश महामंत्री अनीश मिश्रा ने कहा कि नए श्रम कानून में श्रमिक संगठनों को कमजोर करने की नीयत से मजदूरों को हड़ताल से वंचित करने के प्रावधान किए गए हैं, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है। 40 से कम मजदूर वाले उद्योगों को कारखाने की परिभाषा से दूर कर दिया गया है। इसके चलते श्रमिकों को श्रम कानूनों का लाभ नहीं मिलेगा। 

प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह नागर ने कहा कि देश की सभी सरकारें ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दे रही हैं। इससे मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। 

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