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ब्याज की रकम का तकाजा करने की वजह से की थी फाइनेंसर की हत्या

संजीवनी टुडे 03-08-2020 22:00:35

ब्याज की रकम का तकाजा करने की वजह से की थी फाइनेंसर की हत्या


नई दिल्ली। चार हजार रुपए ब्याज की रकम का तकाजा करने की वजह से एक फाइनेंसर की हत्या की गई थी। दिलशाद गार्डन में इस वारदात को अंजाम देने के बाद उसका शव नंद नगरी इलाके में फेंक दिया गया। सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को मामले में सुराग मिला, जिसके बाद इस केस से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान वसीम (33), शकील  (24) व इंदरजीत पांडे (28) के तौर पर हुई। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का तख्ता, मृतक की जली हालत में स्कूटी, इको वैन आदि सामान बरामद किया है। दरअसल,वसीम ने अपने एक जानकार को मृतक से रुपए उधार दिलवाए थे। लॉकडाउन की वजह से रुपए लेने वाला ब्याज नहीं दे सका, जिस वजह से मृतक मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले वसीम पर रुपए का दबाव बना रहा था। इस कारण से उसकी हत्या की गई।

पुलिस ने बताया 30 जुलाई की रात करीब पौने ग्यारह बजे पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि गाड़ी से एक शव को फेंक गए हैं। पुलिस कोढी कॉलोनी ताहिर पुर मौके पर पहुंच गई। मृतक के मुंह को टेप और पॉलीथीन से कवर किया गया था। उसके हाथ पैर बंधे मिले। पुलिस ने आसपास के थानों में मिसिंग रिपोर्ट चैक करवायी, जिससे पता चला उसके पिता ने सीमापुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज करवा रखी थी। इस वजह से बेहद जल्द मृतक की पहचान हर्ष विहार निवासी सुमित ठाकुर (27) के तौर पर हो गई।  इसके सिर व शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। इस बाबत नंद नगरी थाने में हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरु की। पुलिस ने मृतक के घर और दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चैक करने शुरु किए। हर्ष विहार से कैमरे पर तफ्तीश केंद्रित की गई जो दिलशाद कॉलोनी तक पहुंच गई। सौ से ज्यादा फुटेज चैक करने के बाद एक फुटेज में सुमित आरोपी वसीम के दिलशाद कॉलोनी स्थित घर में घुसता नजर आया। पुलिस ने उसे पकड़ पूछताछ की तो वारदात खुल गई। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

वसीम ने पूछताछ में खुलासा किया सुमित ब्याज पर रुपए उधार देने का काम करता था। वसीम ने सुमित से अपने दोस्त अनीस को 46 हजार रुपए उधार दिलवाए थे। जिसका चार हजार रुपए प्रतिमाह ब्याज देना ठहरा था। लॉकडाउन की वजह से अनीस सुमित को ब्याज की रकम नहीं लौटा सका। जिस कारण सुमित वसीम से यह ब्याज की रकम मांग रहा था, क्योंकि उसी के माध्यम से रकम उधार दी गई थी। सुमित के लगातार दबाव बनाने और परेशान करने की वजह से वसीम ने उसे मारने की योजना बना ली। वसीम ने अपने रिश्तेदार शकील को इस साजिश का हिस्सा बना लिया।

योजना के तहत वसीम ने सुमित को 30 जुलाई को ब्याज के चार हजार रुपए लेने केे लिए अपने घर बुलाया। रात करीब साढ़े आठ बजे सुमित स्कूटी से वहां पहुंच गया। यहां वसीम ने सुमित के सिर पर लकडी के तख्ते से हमला कर दिया। शकील ने भी वार किए। इस वजह से वह अचेत हो गया, जिसके बाद गमचे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सीम ने अपने दोस्त इंद्रजीत पांडे को बॉडी ठिकाने लगाने के लिए इको गाड़ी लेकर आने को कहा। उसे इस काम के लिए दस हजार देने की बात कही गई। बॉडी को पैक करने के बाद इन तीनों ने शव को गाडी से ले जाकर ताहिर पुर में फेंक दिया। वापस लौटने के बाद वसीम और शकील सुमित की स्कूटी लेकर अप्सरा बार्डर पहुंचे, जहां उसे पैट्रोल छिड़क जलाया गया। वहीं पास के नाले में मृतक का मोबाइल और पर्स भी फेंक दिए थे। इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लया। शकील सुंदर नगरी और इंद्रजीत पांडे भौपुरा गाजियाबाद का रहने वाला है। इंद्रजीत पेशे से ड्राइवर है। आरोपी वसीम की पत्नी काफी दिनों से बच्चों को लेकर अपने मायके सुंदर नगरी में रह रही है।

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