संजीवनी टुडे

यूट्यूब से देशी बंदूक बनाने वाले गिरफ्तार

संजीवनी टुडे 21-02-2020 22:55:31

नवी मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस ने दो दिन पहले अवैध बंदूक बेंचने के मामले में गुप्त सूचना के आधार पर जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था, इनसे गहन पूंछतांछ के बाद यह जानकारी खुलकर सामने आई कि इन दोनों आरोपियों ने यूट्यूब के माध्यम से बंदूक बनाने की विधी सीखी थी।


मुंबई। नवी मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस ने अवैध हथियार बेचने के मामले में  चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की पूंछतांछ में यह खुलासा हुआ है कि यूट्यूब के माध्यम से देशी बंदूक बनाने की शिक्षा आरोपियों ने ली थी। इन आरोपियों के पास से 10 अवैध देशी बंदूक एवं 8 आंशिक रूप से (आधी अधूरी) बनी बंदूक के साथ इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले साहित्य को पुलिस ने जप्त किया था।

गिरफ्तार दोनों आरोपियों में एक इलेक्ट्रिशियन था जो बंदूक बनाने में माहिर था और दूसरा कॉरपेंटर (बढ़ई) था, वह बंदूक में लगने वाला लकड़ी का बट लगाने एवं फिनिशिंग के काम में शातिर था। नवी मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस ने दो दिन पहले अवैध बंदूक बेंचने के मामले में गुप्त सूचना के आधार पर जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था, इनसे गहन पूंछतांछ के बाद यह जानकारी खुलकर सामने आई कि इन दोनों आरोपियों ने यूट्यूब के माध्यम से बंदूक बनाने की विधी सीखी थी। कर्जत के पास खापडे गाँव से गिरफ्तार दत्ताराम गोविंद पंडित (55)10 वीं की पढ़ाई के बाद इलेक्ट्रिशियन का कोर्स किया था और बाद में लाइसेंसी बंदूको को रिपेयरिंग करने का काम शुरू किया। लगभग 5 से 6 साल तक इस काम को करते हुए यूट्यूब के माध्यम से बंदूक बनाना सीख लिया।

दरअसल दत्ताराम इलेक्ट्रिशियन होने के कारण बंदूक की गढ़ाई, जुड़ाई, वेल्डिंग करने में माहिर था क्योंकि इससे पहले वह लाइसेंसी बंदूको की सर्विस करता था। पुलिस ने बंदूक को तैयार करने में लगने वाला सामान  पाईप, कटर, ग्राइंडर मशीन, ड्रील मशीन, वेल्डिंग मशीन, लकड़ी का बट सहित अन्य मशीनरी वस्तुओं को जप्त किया है। दूसरा आरोपी परशुराम राघव पिरकड (40) कॉरपेंटर (फर्नीचर) का काम करता था। इसलिए बंदूक में लगने वाला लकड़ी का बट लगाने एवं फिनिशिंग के काम मे वह माहिर था। इन दोनों ने मिलकर अवैध हथियार बनाने का कारोबार शुरू किया और फिर उसे शहर के अन्य क्षेत्रों में बेंचने का गोरखधंधा शुरू कर दिया। परंतु इसी बीच दोनों नवी मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

इस मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी क्राईम प्रवीण पाटिल ने बताया कि आरोपियों द्वारा इस कारोबार को पिछले दो-तीन साल से संचालित किया जा रहा था, और अभी तक कई लोगों को अवैध बंदूकें बेंची जा चुकी है, जिसका खुलासा अभी होना बाकी है। लेकिन इस तरह से शहर में अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री चल रही थी और स्थानीय पुलिस को कानोंकान इसकी भनक नही लग पाई, यह एक गंभीर मामला है। 

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