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कानोड़ लूट का पर्दाफाश : स्थानीय बदमाशों ने तमिलनाडु के गिरोह को दी थी लूट की ‘सुपारी’

संजीवनी टुडे 19-10-2020 18:03:21

स्थानीय बदमाशों ने तमिलनाडु के गिरोह को दी थी लूट की सुपारी


उदयपुर। उदयपुर जिले के कानोड़ में पिछले हफ्ते घर में घुसकर बुजुर्ग को बंधक बनाकर की गई करीब डेढ़ करोड़ की लूट का खुलासा पुलिस ने सोमवार को कर दिया। हालांकि, पुलिस ने रविवार को ही आरोपितों को दबोच लिया था। सोमवार को पुलिस ने मीडिया के सामने पूरी वारदात खोली जिसमें कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि स्थानीय आरोपितों ने लूट के लिए तमिलनाडु के गिरोह को सुपारी दी। मामले में मद्रास और मुंबई की अन्ना गैंग के बदमाशों को भी पुलिस ने पकड़ा है। लूटे गए डेढ़ किलो सोने के आभूषण, 109 किलो चांदी के आभूषण और बर्तन व 1 लाख 70 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। 

एसपी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि मद्रास की अन्ना गैंग के मुखिया हाल अंबेडकर नगर वेस्ट मुंबई निवासी शक्तिवेल कुमार (46) पुत्र तंगराज नाडर, वारदात के मास्टर माइंड धोलीमगरी घासा निवासी सुरेश डांगी (38) पुत्र देवाजी, अन्य साथी डूंगला चित्तौडग़ढ़ निवासी शांतिसिंह उर्फ शांतिलाल (24) पुत्र खेम सिंह मीणा, सतीश सिंह उर्फ नाना (27) पुत्र जेता मीणा, उदयपुर के रामा भागल कैलाशपुरी निवासी रोहित उर्फ हीरालाल (29) पुत्र धन्ना डांगी, किशनलाल उर्फ सुखलाल (33) पुत्र केशाजी डांगी, राजसमंद के केलवा निवासी श्रवण सिंह उर्फ करण (26) पुत्र मोहब्बत सिंह राव को गिरफ्तार किया गया है। 

बदमाशों ने वारदात से करीब 4 महीने पहले ही इसकी योजना बना अगस्त में यहां आकर रैकी कर ली थी। मद्रास की गैंग और स्थानीय गैंग के कुल 10 बदमाशों ने 3 टीमें बनाई थीं। इसकी शुरुआत रोहित और सुरेश से हुई थी। रोहित, सुरेश, श्रवण उदयपुर संभाग के रहने वाले हैं और मुंबई में आइसक्रीम-डेयरी संचालक हैं। धंधे के दौरान ही रोहित की सुरेश और श्रवण से जान-पहचान हुई। चार महीने पहले सुरेश ने रोहित से कहा कि उसका बड़ी गैंग से संपर्क है, बड़ी वारदात कर अच्छा फायदा हो सकता है। कहीं बड़ी लूट की जा सकती हो तो ठिकाना भी पूछा। इसके बाद रोहित ने उदयपुर आकर शांतिलाल से मुलाकात की और बड़ी लूट के लिए ठिकाना पूछा। शांतिलाल ने कानोड़ के सोहन लाल की जानकारी दी। रोहित ने जानकारी सुरेश डांगी तक पहुंचाई। सुरेश ने मद्रास की अन्ना गैंग से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी। अन्ना गैंग के शक्तिवेल के साथ अन्य 3 बदमाश अगस्त में कानोड़ आए और यहां रैकी की। पूछताछ में यह भी पता चला है कि अगस्त में भागने का सुरक्षित विकल्प नहीं होने से वारदात नहीं की गई। इस बार बदमाश 11 अक्टूबर को दोबारा उदयपुर आए। सभी इंतजाम होने पर वारदात को अंजाम दिया और पहले गुजरात और वहां से मुंबई फरार हो गए। 

मास्टर माइंड सुरेश ने वलसाड़ में एक कमरा लिया हुआ है। वारदात के बाद सभी लोग वलसाड़ में बंटवारे के लिए मिले। इधर, उदयपुर पुलिस की टीमें आरोपितों की वलसाड़, सूरत, मुंबई के पनवेल, धारावी, अंधेरी क्षेत्र में लगातार तलाश कर रही थीं। पुलिस को मिले अहम सुराग पर टीम ने वलसाड़ में सुरेश के कमरे पर दबिश दी और वहां से शक्तिवेल और सुरेश डांगी को पकड़ा, वहीं से लूटे गए आभूषण और नगदी भी बरामद हुई। पुलिस की दूसरी टीम ने आरोपितों के नाम मिलते ही स्थानीय क्षेत्रों में दबिश देकर स्थानीय बदमाशों को पकड़ा और उनसे भी लूट का कुछ सामान बरामद किया। 

गिरोह के मुखिया शक्ति वेल और वारदात के मास्टरमाइंड सुरेश डांगी के खिलाफ मुंबई के दादर थाना क्षेत्र में 2013 में 5 करोड़ की बड़ी डकैती करने का मामला दर्ज है। शक्ति वेल के खिलाफ मुंबई के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नकबजनी और डकैती के अन्य वारदातों के मामले भी दर्ज हैं। आरोपित शक्तिवेल के अन्य साथी पनवेल मुंबई निवासी राजेश उर्फ राजू मराठा, तमिलनाडु हाल मुंबई निवासी मोहन और अप्पा मद्रासी की तलाश जारी है। 

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