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फर्जी पासपोर्ट गैंग का भंडाफोड़, LIU कर्मचारी सहित चार पुलिसकर्मी भी शामिल, मुकदमा दर्ज

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 07-12-2019 22:11:56

फर्जी कागजात के आधार पर पासपोर्ट बनाने वाले एक बड़े गैंग का पता चला है। इस गैंग में एलआईयू कर्मचारी के साथ चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि...


मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में फर्जी कागजात के आधार पर पासपोर्ट बनाने वाले एक बड़े गैंग का पता चला है। इस गैंग में एलआईयू कर्मचारी के साथ चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि जिले में एक गिरोह काफी दिनों से फर्जी कागजातों के आधार पर पासपोर्ट बनाने का काम करता था। इसके लिए बकायदा अनपढ़ लोगों के हाईस्कूल पास स्तर के मार्कशीट तक बनाए जाते थे। प्रारंभिक जांच में इस मामले में एलआईयू के सिपाही, सब इंस्पेक्टर, टाइपराइटर व थाने के अनुवादक होमगार्ड इत्यादि की भी संलिप्तता पाई गई है जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

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उन्होने कहा कि मामला काफी संगीन होने के चलते एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक जांच टीम बनाकर पूरे मामले का पर्दाफाश कराया जाएगा जिसमें बड़े लोगों के भी शामिल होने की उम्मीदें हैं। चार पुलिसकर्मियों समेत कुल 12 लोगों की संलिप्तता सामने आई है।

अभियुक्तों के पास से नौ लैपटॉप, एक लैपटॉप कूलर 11 मोबाइल फोन,कई पासपोर्ट आवेदन फार्म और फर्जी दस्तावेजों के अलावा 50 हजार रूपये की नगदी बरामद हुयी है। पकड़े गए पुलिसकर्मियों में मोहम्मदाबाद थाना पर तैनात उर्दू अनुवादक जमील अहमद, कोपागंज थाने पर तैनात जी पीसी संजीव सिंह, एलआईयू सिपाही संध्या मिश्रा, एलआईयू टाइपराइटर शामिल है। इसके साथ ही सब इंस्पेक्टर रामधनी के निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया जिसमें मऊ जिले के फिरोज अहमद, जफर अकबर, नदीम अख्तर, शाहिद परवेज़, जमील अहमद, संजीव कुमार सिंह, राम नगीना यादव के साथ ही वाराणसी निवासी सनी गुप्ता, संदीप कुमार व गाजीपुर निवासी संजय कुमार गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एलआईयू ऑफिस का कमरा सीज कर दिया गया है। एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि हाल के समय में बने पासपोर्ट को रिकाल कराकर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके साथ ही मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के चलते इस मामले की काफी गंभीरता पूर्वक जांच कराई जाएगी व किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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