संजीवनी टुडे

शहरवासी हो जाएं सतर्क, हेलमेट नहीं पहनने पर भुगतना पड़ेगा ये जुर्माना

संजीवनी टुडे 25-06-2019 22:19:09

केन्द्र सरकार द्वारा यातायात नियमों को सख्त बनाते हुए नियम तोडऩे वालों के खिलाफ जुर्माना राशि बढ़ा दी है।


उज्‍जैन। केन्द्र सरकार द्वारा यातायात नियमों को सख्त बनाते हुए नियम तोडऩे वालों के खिलाफ जुर्माना राशि बढ़ा दी है। अब हेलमेट नहीं पहनने पर सीधे 1 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। वहीं यातायात नियम तोडऩे पर कम से कम 500 रुपए की चालान रसीद कटेगी। केन्द्र सरकार की काबिना बैठक में लिए गए ताजा फैसले के चलते यदि यातायात पुलिस ने सख्ती दिखाना शुरू की तो यातायात नियमों का पालन करने वालों को सुकून मिलेगा वहीं नियम तोडऩे वालों की जेबें तेजी से हल्की होंगी। अच्छी किस्म के हेलमेट बाजार में डेढ़ हजार रुपए में उपलब्ध हैं। इसके उलट हेलमेट पहनने को लेकर यदि यातायात विभाग सडक़ पर उतरा तो हजारों दोपहिया वाहन चालकों को 1-1 हजार रुपए का फटका हाथोंहाथ लग जाएगा। इसी प्रकार यातायात नियम तोडऩे पर अब कम से कम 500 रुपए की चालानी रसीद कटेगी। 

सरकार ने यह भी तय किया है कि आपातकालीन सेवा का वाहन यदि सडक़ पर निकलता है और किसी भी जुलूस, जलसे आदि के कारण वाहन को निकलने में परेशानी आती है तो संबंधितों के खिलाफ सीधे 10 हजार रुपए का जुर्माना होगा। इसी प्रकार अपात्र ड्रायवर को वाहन चलाते पाए जाने पर भी 10 हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा। यदि दोपहिया वाहन का बीमा नहीं है तो भी 2 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। साथ ही यातायात पुलिस चाहेगी तो तीन माह के लिए ड्रायविंग लायसेंस को निलंबित कर देगी।  

नाबालिग बच्चों के पिता भरेंगे जुर्माना
ताजा नियमों के अनुसार यदि कोई नाबालिग बच्चा दोपहिया वाहन चलाते पकड़ा जाएगा अथवा यातायात का नियम तोड़ेगा तो उसके पिता को दोषी मानते हुए पिता के वाहन का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। इस मामले में गंभीर त्रुटि पाए जाने पर 25 हजार रुपए का जुर्माना और तीन साल की सजा का प्रावधान भी किया गया है। 

नाबालिग पहुंच रहे दोपहिया वाहन से स्कूल
शहर की यातायात पुलिस सुबह जागने के बाद 8 से 9 बजे तक मुख्य चौराहों पर पहुंचती है। तब तक शहर के सुबह की पारी में संचालित स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो चुकी होती है। इन स्कूलों में हायर सेकेण्डरी की कक्षाओं में पढऩे वाले अनेक नाबालिग अपने परिवार की मोटरसायकलें, स्कूटर आदि लेकर पहुंचते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। एक समय स्कूलों में सायकल स्टेण्ड होता था, अब दोपहिया वाहन पार्किंग बन रहे हैं। इन विद्यार्थियों के प्रति स्कूल प्रशासन सख्त नहीं है, यही कारण है कि नाबालिग रोजाना सुबह 7 बजे के आसपास शहर की सडक़ों पर तेज रफ्तार गाड़ी पर सवार होकर जाते देखे जा सकते हैं। सुबह की सैर करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जिले के एसपी से मांग है कि वे यातायात पुलिस और आरटीओ का अमला सुबह 6.30 से 7.30 बजे के बीच सडक़ों पर उतारे और एकमुश्त चालानी कार्रवाई पूरे शहर में करें। ऐसा होने पर जहां नाबालिगों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने पर अंकुश लगेगा वहीं सडक़ दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। ज्ञात रहे सुबह के समय वरिष्ठ नागरिक जहां शहर की सडक़ों पर सैर करने निकलते हैं वहीं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा चलाई जाने वाली गाडिय़ों के कारण दहशत में भी रहते हैं।

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