संजीवनी टुडे

बच्चों की आध्यात्मिक शिक्षा (बहाई धर्म के अनुसार)

संजीवनी टुडे 18-10-2016 19:48:39

Spiritual Education of Children

दुनिया के बच्चों की आकांक्षाओं के एहसास और  उनकी आध्यात्मिक शिक्षा की जरूरत को समझते हुए , भारत के बहाईयों ने इन बच्चों के हमेशा बढ़ने वाले दलों के लिए प्रयासों को और अधिक विस्तृत कर, दिया जिससे कि ये बच्चों के आकर्षण का केंद्र बन सकें और सामाजिक कार्यों और आध्यात्मिकता की जड़ों को समाज में मजबूत कर सकें. बच्चो को यह समझने ने मदद करना कि वे एक विश्व-नागरिक हैं और यह उनका नैतिक  कर्त्तव्य है कि वे दूसरों की सहायता किसी जाति, रंग या नस्ल का विचार किये बिना करें.
 
बच्चे किसी भी समाज का सर्वाधिक मूल्यवान संसाधन होते हैं. बहाई मानते हैं कि  जीवन में सकारात्मक और जिम्मेदार विकल्प चुनने के लिए बच्चों की क्षमताओं के संपोषण हेतु उनका आध्यात्मिक , सामाजिक और बौद्धिक  प्रशिक्षण आवश्यक है .
"बहाउल्लाह लिखते हैं कि : "मनुष्य को मूल्यवान जवाहरात की खान के रूप में समझो और केवल शिक्षा ही इसके गुणों को बाहर ला सकती है ,इसके कोष को प्रकट कर सकती है तथा मानवजाति को उसके लाभ प्राप्त करवा सकती है".
 
बहाई सभी पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए इन कक्षाओं का आयोजन करते हैं.  कक्षाओं का उद्धेश्य आवश्यक गुणों जैसे कि सत्यवादिता, विश्वसनीयता, ईमानदारी और न्याय  को विकसित  करना है. इसका उद्धेश्य एक मजबूत नैतिक ढांचा तैयार करना है ताकि जीवन के भौतिक, बौद्धिक , एवं आध्यात्मिक पहलू में श्रेष्ठता प्राप्त करने में बच्चों की सहायता की जाये.

वर्तमान में बच्चों के लिए 1000 से अधिक बहाई नैतिक कक्षाओं  का आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों में किया जा रहा है.

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