संजीवनी टुडे

बैंक के पास गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बेचने का झांसा देकर दम्पति ने ऐंठ लिए 6 करोड़, गिरफ्तार

संजीवनी टुडे 02-12-2020 06:54:39

बैंक के पास गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बेचने का झांसा देकर दम्पति ने ऐंठ लिए 6 करोड़, गिरफ्तार


नई दिल्ली। लोन के बदले बैंक में गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी को फर्जी कागजातों के बल पर बेचने का झांसा देकर एक शख्स से 6 करोड़ रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर दम्पति को दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू की टीम ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला के अलावा उसके आरोपी पति की पहचान 69 साल के मदन मोहन मित्तल के तौर पर की गई है, जो दिल्ली के कालिंदी कॉलोनी में स्थित सी-13 की पहली मंजिल पर रहते हैं। दोनों पर वर्ष 2019 में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की और बारीकी से जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ईओडब्ल्यू ज्वाइंट सीपी डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि मामले की शिकायत पीड़ित अनिल अग्रवाल नामक शख्स ने की थी। जिनकी शिकायत पर शुरुआती जांच के बाद वर्ष 2019 में आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत केस दर्ज कर डीसीपी मोहम्मद अली की निगरानी में एसीपी विरेन्द्र सिंह सेजवान, एसआई पवन कुमार, एएसआई ताहर सिंह और महिला एएसआई मंजू की निगरानी में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़ित शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2014 में वह अपने आवास और ऑफिस के लिए प्रॉपर्टी की तलाश कर रहे थे।

6 करोड़ लेने के बाद देने लगा तारीख पर तारीख
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता अनिल की मुलाकात एक ब्रोकर संजय अग्रवाल के माध्यम से आरोपी मदन मोहन मित्तल और उसकी पत्नी से हुई थी। मुलाकात के दौरान मदन मोहन मित्तल ने उन्हें अपनी पत्नी के नाम की एक प्रॉपर्टी के दस्तावेज दिखाए थे। जिसपर भरोसा करके अनिल ने प्रॉपर्टी की डील कर ली और दम्पति के कहने पर 6 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान भी कर दिया। अग्रिम भुगतान करने के दौरान एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किया गया था, जिसमें आपसी सहमति से यह तय किया गया था कि प्रॉपर्टी के पूरे कागजात के साथ प्रॉपर्टी को अनिल के नाम पर 30 नवम्बर 2015 से पहले तक हस्तांतरित कर दिया जाएगा। हालांकि बाद में इस तारीख को 24 दिसम्बर 2015, फिर 31 मार्च 2016 तक और फिर आगे इसे 15 अगस्त 2016 तक बढ़ा दिया गया।

लोन के बदले बैंक के पास गिरवी थी प्रॉपर्टी
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्हें अगस्त 2017 में पता चला कि उक्त प्रॉपर्टी 2011 से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी हुई है। एक अखबार में भी शिकायतकर्ता ने एसबीआई द्वारा उक्त प्रॉपर्टी को लेकर दी गई नोटिस देखी। इसके बाद पीड़ित को आरोपियों द्वारा ठगी किए जाने का पता चला। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पूरी योजना के साथ एसबीआई बैंक के पास गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी को बेचने का झांसा देकर पीड़ित से 6 करोड़ रुपये ठग लिए थे। इस पूरे खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और आरोपी दम्पति को ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ करते हुए मामले में आगे की जांच की जा रही है।

यह खबर भी पढ़े: साल 2021 के मध्य में 800 किमी रेंज ब्रह्मोस का किया जाएगा परीक्षण

ऐसी ही ताजा खबरों व अपडेट के लिए डाउनलोड करे संजीवनी टुडे एप

More From crime

Trending Now
Recommended