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29 सितंबर विश्व हार्ट डे विशेष : कहीं दिल को न कर दे बीमार, हाइपर टेंशन और बीपी

संजीवनी टुडे 29-09-2020 17:42:53

कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से आज पूरा विश्व जूझ रहा है। परंतु हाइपर टेंशन रक्तचाप और मधुमेह (डायबिटीज) भी खतरनाक हो सकता है। यदि समय रहते इन बीमारियों को पहचानकर इसका इलाज शुरू नहीं किया तो, दिल की बीमारी होने का सर्वाधिक खतरा है।


कोरबा। कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से आज पूरा विश्व जूझ रहा है। परंतु हाइपर टेंशन रक्तचाप और मधुमेह (डायबिटीज) भी खतरनाक हो सकता है। यदि समय रहते इन बीमारियों को पहचानकर इसका इलाज शुरू नहीं किया तो, दिल की बीमारी होने का सर्वाधिक खतरा है। खासकर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को इसका खतरा होने की प्रबल संभावना होती है। 

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे- 4 (2015-16) के आंकड़ों की माने तो महिलाओं में हृदय रोग होने की संभावना पुरुषों से अधिक है। हृदय रोग की व्यापकता दर पुरुषों में 458 प्रति 1 लाख है ,वहीं महिलाओं में यह दर 582 प्रति 1लाख है। यानि 1 लाख महिलाओं में लगभग 582 महिलायें ह्रदय रोग से पीड़ित होती हैं। वहीं 1 लाख पुरुषों में 458 पुरुष ह्रदय संबंधी रोगों से पीड़ित होते हैं। सीएमएचओ डॉ. बी.बी.बोर्डे के मुताबिक हृदय रोग का मुख्य कारण डायबिटीज, डिप्रेशन (उच्च रक्त चाप) खान पान में असंतुलन  और कोलेस्ट्रॉल माना गया है । 

उच्च रक्तचाप होने से हृदय में अतिरिक्त प्रेशर बना रहता है जिससे हृदय रोग होने की सम्भावना ज्यादा रहती है। डायबिटीज जैसे रोग भी ह्रदय रोगों को बढ़ाने में सहायक है क्योकि इससे खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे यह धीरे - धीरे धमनियों में जमा होने लगता हैं, जिससे रक्त में अवरोध होने से दिल का दौरा आने की संभावना बढ़ जाती है। स्वस्थ्य और दीर्धायु जीवन जीने के लिए दिल का खयाल रखना बेहद जरूरी है। 

भांप सकते हैं दिल की बीमारी का खतरा- कोरोना वायरस के संदिद्घ लक्षण वाले मरीजों की जांच और परामर्श के लिए शुरू हुए विशेष “फीवर क्लीनिक” के आंकड़े को देखकर दिल की बीमारी का खतरा भांप सकते हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों में हाइपर टेंशन वाले मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। अस्पताल की सामान्य ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में भी ज्यादातर मरीज बीपी, शूगर हाइपर टेंशन वाले देखने को मिल रहे हैं। हालांकि संचालित विशेष फीवर क्लीनिक में अप्रैल से जून माह तक कुल 10,038 ( विभिन्न स्वास्थ्यगत समस्या वाले) मरीजों को इलाज और उचित परामर्श मिला है। मगर इनमें हाइपर टेंशन वाले मरीजों ज्यादा थे। जिला अस्पताल की सामान्य ओपीडी की बात करें तो यहां भी हर 10 में से 5 मरीज हाइपरटेंशन, बीपी और शूगर वाले पहुंच रहे हैं। 

फीवर क्लीनिक के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून माह तक हाइपर टेंशन की समस्या लेकर 4056 मरीज पहुंचे हैं। जिन्हें आवश्यक जांच के बाद दवाएं और संबंधित विभाग से परामर्श प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त सीवियर एक्यूट रेस्पीरेटरी, इन्फ्लूएंजा लाइक इंफेक्शन, हाइपर टेंशन, किडनी डिसऑर्डर तथा शूगर के मरीजों की अलग से जांच और परामर्श प्रदान किया जा रहा है। अप्रैल से जून माह तक के आंकड़ों में सीवियर एक्यूट रेस्पीरेटरी के 4, इंफ्लूएंजा लाइक इंफेक्शन के 2381, किडनी डिसऑर्डर के 59 तथा शूगर के 3538 मरीज पहुंचे जिन्हें परामर्श और इलाज सुविधा दी गई।

दिल की बीमारी बचाव 
दिल की बीमारी से बचने के लिए मांसाहार, कॉफी, नशीले पदार्थों का सेवन, अधिक नमक का सेवन, घी, तेल , मदिरापान, धूम्रपान, तम्बाकू, तेज मसालेदार चटपटे आधुनिक फास्टफूड तथा जंक फूड-चाकलेट, केक, पेस्ट्री, आइसक्री-म आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल ना बढ़े इससे बचने के लिए मक्खन, घी, मीट, अंडे दूध से बने पदार्थ जैसे खोया या मावा की मिठाइयां, रबड़ी, मलाई, श्रीखंड आदि से परहेज करना चाहिए।

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