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एक गांव में दो नाबालिगों की हुई सगाई, विवाह की तारीख तय होने से पहले रोकी शादी

संजीवनी टुडे 28-11-2020 19:35:10

एक गांव में दो नाबालिगों की हुई सगाई, विवाह की तारीख तय होने से पहले रोकी शादी


धमतरी। देवउठनी एकादशी के बाद विवाह का मुहूर्त शुरू हो गया। जिले में शादियां भी हो रही। इस दौरान नाबालिग की शादी भी गुपचुप तरीके से कराने की कोशिश की जा रही। धमतरी ब्लाक के एक गांव में दो नाबालिगों की सगाई कराने के बाद शादी की तारीख तय की जानी थी।

 जिला बाल संरक्षण टीम को सूचना मिलने पर तारीख तय होने से पहले ही शादी रूकवा दी। परिजनों को समझाईश देने के बाद बालिग होने पर शादी कराने का शपथ पत्र भरवाए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि धमतरी ब्लाक के एक गांव में दो नाबालिगों की शादी होनी वाली थी। इसकी सूचना मोबाइल से मिली। जिला बाल संरक्षण टीम व चाइल्ड लाइन टीम सहित लड़की के गांव में दबिश दी। दोनों बालिकाओं के आधार कार्ड व अंकसूची मांगे गए। दोनों की उम्र 18 से कम थी। एक बालिका की उम्र 17 वर्ष और दूसरी बालिका की उम्र 16 वर्ष पांच माह थी। दोनों बालिकाओं के परिजनों से वचन पत्र एवं घोषणा पत्र लिखकर अधिकारी को दिए। बालोद में तय हुई शादी इस दौरान फोन से वर पक्ष से भी बात की गई।

 उन्होंने भी नाबालिग से शादी होने की बात स्वीकार की। एक बालिका की शादी बालोद जिले में तथा दूसरे की धमतरी ब्लाक के एक गांव में होनी थी। वर पक्ष के लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन को जानकारी हो गई है, तो हम कानून नहीं तोड़ेंगे, हम लोग लड़की के बालिग होने के बाद ही शादी करेंगे। टीम में विधि सह परिवीक्षा अधिकारी प्रमोद अमृत, राजीव गोस्वामी, काउंसलर मोहिनीरानी गजेंद्र, प्रमोद नेताम, खिलेश्वरी साहू, चाइल्ड लाइन केंद्र प्रशासक नीलम साहू, राजकुमार यादव शामिल थे। दो साल की सजा का प्रावधान जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। जो भी उसमें शामिल होगा उसे दो साल की सजा व एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह रोकने के लिए गांवों में टीम बनाई गई है।

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