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रेलवे बोर्ड, अजमेर चयनित अभ्यर्थियों को दे रहा नियुक्ति के बजाय सिर्फ आश्वासन, दो साल से अटकी है नियुक्ति

संजीवनी टुडे 24-09-2020 12:38:46

रेलवे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन चार राउंड में करवाता है, पहले राउंड में मेरिट के हिसाब से सभी अधिकतर उम्मीदवारों को बुलाया जाता है।


अजमेर। साल 2018 में RRB Group D ने 62,907 पदों के लिए वेकेंसी निकाली जहां रेलवे भर्ती बोर्ड ,अजमेर को 4,755 पदों पर भर्ती करनी थी इस भर्ती के लिए पहले चरण की कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा 17 सितंबर से 17 दिसंबर 2018 के बीच आयोजित गई थी। जिसका परिणाम 4 मार्च 2019 को जारी हुआ, सफल उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट 24 मार्च 2019 से 2 अप्रैल 2019 के बीच आयोजित किया गया। इसके बाद फिजिकल में पास हुए उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया।

रेलवे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन चार राउंड में करवाता है, पहले राउंड में मेरिट के हिसाब से सभी अधिकतर उम्मीदवारों को बुलाया जाता है। इसके बाद दूसरे और तीसरे राउंड में PWD और PWD (LD) के उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है इसके बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 4 भी होता है, जिसमें 467 उम्मीदवारों को बुलाया जाता है डीवी के बाद उम्मीदवारों का पैनल जारी होता है।

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आरआरबी अजमेर 4,009 उम्मीदवारों का पहला पैनल 6 जुलाई 2019 को जारी करता है। इसके बाद 112 उम्मीदवारों का दूसरा पैनल 9 सितंबर 2019 को तीसरा पैनल 8 लोगों के लिए 12 दिसंबर 2019 को व चौथा पैनल 3 जुलाई 2020 को 10 उम्मीदवारों के लिए जारी होता है।अब सिर्फ चौथे राउंड के डीवी में बुलाए गए 467 उम्मीदवारों का पैनल आना बाकी रह गया है।

बता दें कि रेलवे के पास वैकेंसी है, बावजूद इसके प्रक्रिया पास कर चुके 467 उम्मीदवारों का पैनल नहीं जारी किया जा रहा है। 4 पैनल में कुल मिलाकर 4139 उम्मीदवारों का नाम आता है और वैकेंसी 4,755 पदों पर निकाली गई थी इस हिसाब से अभी भी अजमेर बोर्ड के पास 616 पद खाली हैं हालांकि इसके बाद भी आरआरसी जयपुर बचे हुए उम्मीदवारों का पैनल जारी कर उन्हें नियुक्ति नहीं दे रहा है।

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पीड़ित अभ्यर्थियों ने बताया कि ''एक सितंबर को हमारी चेयरमैन से बात हुई थी व उन्होने आश्वासन दिया कि दो सप्ताह में बचे हुए उम्मीदवारों का पैनल जारी कर दिया जायेगा लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी तक उनकी तरफ से कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला है।''

निवाई, टोंक निवासी पीड़ित अभ्यर्थी लालाराम ने बताया कि तीन साल पूरे होने को आए लेकिन अभी भी रेलवे हमारी समस्या नहीं समझ पा रहा है परिवार की पूरी जिम्मेदारी मुझ पर ही है, बुजुर्ग माता पिता का और कोई सहारा नहीं है अब नौकरी के इंतजार में सब का खर्च चलाना बहुत ही कठिन हो गया है।

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पैसो के अभाव मे घर पर ही रहकर कठीन मेहनत कर तैयारी की व सफलता प्राप्त की। चयन होने के बाद एक आस जगी कि अब अच्छे से घर परिवार का लालन -पालन कर पाऊंगा व बुजुर्ग माता-पिता को भी वह खुशियां दे पाऊंगा जिसके लिए इतने दिनों से प्रयासरत था लेकिन लगभग दो वर्षों से इंतजार कर रहा हूँ अभी तक उसकी जॉइनिंग के बारे में कोई खबर नहीं दी जा रही है और ना ही हमारी कोई सुध लेने वाला है।

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