संजीवनी टुडे

भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी

संजीवनी टुडे 24-02-2018 22:12:53

Source: google


नई दिल्ली। अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे है। तो ये जानकारी आप के लिए उपयोगी है। नीचे दी गयी योजनाएं भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं है। 

प्रधानमंत्री जन धन योजना

वित्‍तीय समावेश के लिए 28 अगस्‍त 2014 को प्रधानमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया
लगभग 60 प्रतिशत बैंक खाते ग्रामीण इलाकों में खोले गए (26 अप्रैल 2017 तक)
28.44 करोड़ जन धन खाते खोले गए (26 अप्रैल 2017 तक)
जन धन खातों में कुल जमा राशि 64,567 करोड़ रुपये है (26 अप्रैल 2017 तक)
22 करोड़ से ज्‍यादा रुपे कार्ड जारी किये गए (26 अप्रैल 2017 तक)
दिसम्‍बर 2016 में जीरो-बैलेंस जन धन खातों की हिस्‍सेदारी घटकर 24 प्रतिशत रह गई, जो दिसम्‍बर 2014 में 73 प्रतिशत थी
बैंकों द्वारा 1.25 लाख से अधिक बैंक-मित्र नियुक्‍त किए गए
2.5 लाख ग्राम-डाक-सेवक बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट के रूप में काम करेंगे 
` जन सुरक्षा

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
प्रधानमंत्री द्वारा 09 मई, 2015 को कोलकाता में शुभारंभ किया गया
दुर्घटना के कारण मृत्‍यु पर जोखिम कवरेज का प्रावधान
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में लगभग 10 करोड़ लोगों का नामांकन किया गया (12 अप्रैल, 2017 तक)  
सिर्फ 12 रुपये के सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा 

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प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा योजना
प्रधानमंत्री ने 09 मई, 2015 को कोलकाता में इसका शुभारंभ किया
इस योजना में 3.10 करोड़ लोगों का नामांकन किया गया (12 अप्रैल, 2017 तक)  
केवल 330 रुपये के सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये का जीवन बीमा  

अटल पेंशन योजना
प्रधानमंत्री ने 09 मई, 2015 को कोलकाता में इस योजना की शुरुआत की
अंसगठित क्षेत्र पर ध्‍यान केन्द्रित
31 दिसम्‍बर, 2015 से पहले खोले गए नए खातों में पांच साल तक लाभार्थियों के प्रीमियम का 50 प्रतिशत (1000 रुपये तक) योगदान सरकार देगी
38.23 लाख लोगों का नामांकन किया गया (28 दिसंबर 2016 तक)
1344 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में वितरित की गई  

डी.बी.टी
डीबीटी के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में79 लाख करोड़ रुपये डाले गये हैं
फर्जी ला‍भार्थियों और बिचौलियों से छुटकारा मिलने से डीबीटी की बदौलत पिछले तीन वर्षों में 49,560 करोड़ रुपये की बचत
डीबीटी के जरिये 33 करोड़ लोगों को विभिन्‍न तरह की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में मिली
वर्तमान में डीबीटी के तहत 27 मंत्रालयों/विभागों की 138 योजनाएं कवर की जा रही हैं। मार्च, 2015 में यह संख्‍या केवल 34 ही थी
31 मार्च 2018 तक 533 केंद्रीय भुगतान योजनाओं को डीबीटी के अंतर्गत लाने का लक्ष्य है
पहल

प्रत्‍यक्ष हस्‍तांतरित लाभ : एलपीजी उपभोक्‍ताओं के लिए प्रत्‍यक्ष लाभ हस्‍तांतरण (डीबीएलटी) योजना
54 जिलों में 15 नवम्बर, 2014 को इसकी शुरुआत की गई, जिसे 1 जनवरी, 2015 से 622 और जिलों में विस्‍तारित किया गया
एलपीजी उपभोक्‍ताओं के बैंक खातों में सब्‍सिडी का सीधा हस्‍तांतरण
अब तक लगभग 17.13 करोड़ लोग लाभान्वित हुए हैं
दुनिया का सबसे बड़ा नकद हस्‍तांतरण कार्यक्रम
अब तक 47,410 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्‍तांतरित किये गये हैं
2014-17 के दौरान सब्‍सिडी मद में 22,515 करोड़ रुपये की बचत हुई  

गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) का देश भर में विस्‍तार कि‍या गया
2013 में शुरू किया गया राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम मई 2014 में केवल 11 राज्‍यों में ही लागू था
अब 80.50 करोड़ लोगों को 2 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और 3 रुपये प्रति किलो की दर से चावल मिलता है

दीन दयाल अंत्‍योदय योजना
चालू वित्‍त वर्ष में स्‍वयं-सहायता समूहों (एसएसजी) को 16,000 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि उपलब्‍ध कराई गई

प्रधानमंत्री उज्‍ज्वला योजना
बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्‍शन देने के लिए प्रधानमंत्री ने 01 मई, 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में इस योजना की शुरुआत की
सार्वभौमिक रसोई गैस कवरेज सुनिश्चित की जायेगी, महिलाओं को सशक्‍त बनाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा की जायेगी; खाना पकाने में कम समय लगेगा
एलपीजी गैस की आपूर्ति के काम में ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे
बीपीएल परिवारों को07 करोड़ एलपीजी कनेक्‍शन दिए गए (5 अप्रैल, 2017 तक)
देश भर में योजना का विस्‍तार किया गया, अब 694 जिलों में योजना की पहुंच सुनिश्चित की गई
तीन सालों में (2016 से 2019 तक) 5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन देने का लक्ष्य
योजना के लिए 8000 करोड़ रुपये का प्रावधान
एलपीजी उपभोक्‍ताओं के लिए 24X7 हेल्‍पलाइन : 1906 डायल करें

ग्रामीण रोजगार – हर हाथ को काम
ग्रामीण निर्धनों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्‍येक वर्ष 3 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की राशि का व्‍यय

महात्‍मा गांधी नरेगा
48 हजार करोड़ रुपये का अधिकतम बजट आवंटन (2017-18 में सर्वाधिक बजट)
वित्‍त वर्ष 2016-17 में अब तक 51,902 करोड़ रुपये का व्‍यय हुआ, जो इस कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अब तक का सर्वाधिक है।
वित्त वर्ष 2016-17 में अब तक3 लाख कार्य पूरे किये गये, जबकि वित्त वर्ष 2013-14 तक औसतन 25 से 30 लाख कार्य पूरे किए जाते थे
वित्त वर्ष 2016-17 में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 56 फीसदी हो गई, इस कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अब तक महिलाओं की सर्वाधिक भागीदारी
5 लाख खेत तालाबों का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ; अब मार्च 2017 तक 10 लाख खेत तालाबों का लक्ष्य
डीबीटी के जरिये मनरेगा श्रमिकों के 95 प्रतिशत से भी अधिक मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, जबकि वर्ष 2013-14 में यह आंकड़ा 37 प्रतिशत था
 

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