संजीवनी टुडे

नायडू ने वंदेमातरम विवाद पर कहा- मां नहीं तो क्या अफजल गुरु को सलाम करोगे?

संजीवनी टुडे 08-12-2017 12:08:00

नई दिल्ली।  गुरुवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम में वंदे मातरम गाने पर कुछ लोगों की आपत्तियों पर निशाना साधा। नायडू ने कहा कि वंदे मातरम कहने पर आपत्ति क्यों है?नायडू ने सवाल किया, 'वंदे मातरम माने मां तुझे सलाम। क्या समस्या है? अगर मां को सलाम नहीं करेंगे तो क्या अफजल गुरु को सलाम करेंगे?

नायडू विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की पुस्तक के विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने राष्ट्रवाद को परिभाषित करने  की कोशिश करने वाले लोगों के लिए कहा कि वंदे मातरम का अर्थ मां की प्रशंसा करना होता है। वहीं उन्होंने राम मंदिर का भी जिक्र किया और कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। आंदोलन सिर्फ एक स्थल पर ऐतिहासिक व पौराणिक दावे तक सीमित था।

उन्होंने कहा कि हिंदुत्व भारत की संस्कृति और परंपरा है, जो विभिन्न पीढ़ियों से गुजरा है। उपासना के अलग-अलग तरीके हो सकते हैं, लेकिन जीवन जीने का एक ही तरीका है और वह है हिंदुत्व। नायडू ने कहा कि हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम सिखाती है, जिसका मतलब है कि विश्व एक परिवार है। उन्होंने सिंघल पर कहा कि वह हिंदुत्व के समर्थकों में से एक थे और उन्होंने अपने जीवन के 75 वर्ष भविष्य की पीढ़ियों के लाभ के लिए समर्पित कर दिए। 

उपराष्ट्रपति बोले कि ‘‘यह इस देश में रह रहे 125 करोड़ लोगों के बारे में है, चाहे उनकी जाति, रंग, पंथ या धर्म कुछ भी हो।  वे सभी भारतीय हैं।  उन्होंने हिंदुत्व पर उच्चतम न्यायालय के 1995 के फैसले का उल्लेख किया जिसमें कहा गया है कि यह कोई धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। 

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