संजीवनी टुडे

तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता के लिए 40 मेंटर संस्थान स्थापित, 327 मेंटर शिक्षक चयनित

इनपुट- यूनीवार्ता

संजीवनी टुडे 18-09-2019 16:17:26

40 शिक्ष्ण संस्थानों को मेंटर (मार्गदर्शन) बनाया गया है तथा 327 अवकाश प्राप्त शिक्षकों को मेंटर शिक्षक(मार्गदर्शक) के रूप में चयनित किया गया है।


नई दिल्ली। देश में तकनीकी उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं को 2022 तक राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड( एन बी ए) से एक्रिडेशन लेना अनिवार्य होगा और 40 शिक्ष्ण संस्थानों को मेंटर (मार्गदर्शन) बनाया गया है तथा 327 अवकाश प्राप्त शिक्षकों को मेंटर शिक्षक(मार्गदर्शक) के रूप में चयनित किया गया है। हर मेंटर संस्थान दस संस्थानों को प्रशिक्षित करेगा और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगा। इस तरह कुल 400 शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता विकसित होगी और इस पर करीब 9 करोड़ रूपए खर्च होंगे।

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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने समारोह में मार्गदर्शक एवं मार्गदर्शन गुणवत्ता मनुएल को लांच किया। इसके अलावा उन्होंने तकनीकी शिक्षा परिषद् के डिप्लोमा पाठ्यक्रम, बी. आर्किटेक्चर के पाठ्यक्रम तथा छात्रों द्वारा शिक्षकों के आकलन की नियमावली (360 डिग्री फीड बेक ) को भी लांच किया। इसके साथ ही जयपुर में स्वच्छता एवं कचरा प्रबन्धन से जुड़ी 500 महिला उद्यमियों की प्रस्तावित कार्यशाला की योजना को भी लांच किया।

निशंक ने कहा कि भारत को पूरी दुनिया में तकनीकी प्रौद्योगिकी के शिखर पर ले जाने के लिए उसके रास्ते को हम मजबूत करना चाहते हैं और इसके लिए हमने मार्गदर्शन करने वाली चालीस संस्थाओं का चयन किया है जो आस पास की दस संस्थाओं का मार्गदर्शन करेगी ।इस तरह कुल 400 संस्थाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और उसके लिए 327 मार्गदर्शक शिक्षकों को चुना गया है जो अवकाश प्राप्त होने के बाद इन संस्थाओं को अपनी सेवाएँ देंगे।

उन्होंने कहा कि एआईसीटीई से दस हज़ार चार सौ संस्थाएं जुडी हैं और 80 लाख छात्र पढ़ते हैं। अब हर संस्था को 2022 तक एनबीए का एक्रेडेशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। मार्गदर्शन और मार्ग दर्शक योजना से उन्हें एक्रेडेशन लेना आसान होगा क्योंकि इससे उनकी गुणवत्ता बढ़ जायेगी।

उन्होंने कहा कि 360 डिग्री फीड बैक योजना लांच होने से शिक्षकों में निखार आएगा क्योंकि अब छात्र उनका आकलन करेंगे ।छात्र शिक्षकों के अध्यापन ,उनके स्वभाव ,उनके दृष्टिकोण आदि के बारे में क्या सोचते है यह पता चलेगा और उसके आधार पर उनका आकलन होगा, इससे भी उनकी गुणवत्ता बढ़ेगी।

निशंक ने कहा कि दुनिया तेजी से बढ़ती जा रही है और नई समस्याएं भी पैदा हो रही हैं उनके समाधान के लिए और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए नये पाठ्य क्रम भी जरुरी हैं क्योंकि मेक इन इंडिया से लेकर स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया ,,जैसे अनेक कार्यक्रमों को लागू किया जाना है।

उन्होंने जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कचरा प्रबन्धन संस्थान की मदद से होने वाली कार्यशाला की योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस कार्यशाला से कई उद्यमी महिला सामने आयी हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता मिशन एवं कचरा प्रबन्धन से जुड़ी है। बेंगलूर में पहली कार्यशाला से 300 महिला उद्यमी सामने आयी ।इस कार्यशाला में 500 महिला उद्यमी भाग लेंगी जो एक गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा।

हर संस्थान की गुणवत्ता बढाने के लिए 50 लाख -50 लाख रूपए दिए जायेंगे। मेंटर शिक्षकों के लिए 942 के आवेदन आये थे।मॉडल पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को उद्योग जगत के साथ दो इंटर्नशिप करना अनिवार्य होगा जिसमें एक इंटर्नशिप सामाजिक संगठन के साथ होगी। उन्हें स्टार्ट उप और उद्यमशीलता का कोर्स भी करना होगा

इस अवसर पर शिक्षा सचिव आर सुब्रमनियम, तकनीकी शिक्षा परिषद्व के अध्यक्ष अनिल सहस्त्रबुद्धे और उपाध्यक्ष ए पी पुनिया भी मौजूद थे।

गोवर्मेन्ट एप्रूव्ड प्लाट व फार्महाउस मात्र रु. 2600/- वर्गगज, टोंक रोड (NH-12) जयपुर में 9314166166

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