संजीवनी टुडे

कॉर्पोरेट धोखाधड़ी पर निगरानी तेज करेगा सेबी

संजीवनी टुडे 12-06-2019 21:18:38

कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के संदर्भ में निगरानी प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ ही बोर्ड का कंपोजिशन बदलने और डिसक्लोजर नॉर्म्स बढ़ाने के प्रस्ताव पर बाजार नियामक ने ठोस कदम उठाए हैं। कॉर्पोरेट व बैंक धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में दो नियामक संगठनों के बीच डेटा विनिमय के संदर्भ में औपचारिक समझौता करार किया गया है


मुम्बई। कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के संदर्भ में निगरानी प्रक्रिया को मजबूत करने के साथ ही बोर्ड का कंपोजिशन बदलने और डिसक्लोजर नॉर्म्स बढ़ाने के प्रस्ताव पर बाजार नियामक ने ठोस कदम उठाए हैं। कॉर्पोरेट व बैंक धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में दो नियामक संगठनों के बीच डेटा विनिमय के संदर्भ में औपचारिक समझौता करार किया गया है। भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के बीच हाल ही में औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 

सूत्रों के अनुसार, कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के संदर्भ में निगरानी प्रक्रिया को मजबूत करने व विभिन्न कंपनियों में डायरेक्टर्स की नियुक्ति करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कवायद की जा रही है। इसके साथ ही क्रेडिट रेटिंग कंपनियों को भी जल्द ही ठोस उपाय-योजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सेबी ने हाल ही में जो गाइड लाइंस तैयार की है, उसके तहत कंपनी बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों को भी बड़े पैमाने पर शामिल करने और बोर्ड में मार्केट रेग्युलेटर के एक नॉमिनी को रखने का निर्देश दिया गया है। 

कई बैंक घोटालों और आईएल एंड एफएस डिफॉल्ट की घटना के बाद सिक्यॉरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के गवर्नेंस स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की योजना बनाई है। उसकी योजना उनके बोर्ड का कंपोजिशन बदलने और डिसक्लोजर नॉर्म्स बढ़ाने की है, ताकि बिजनेस प्रैक्टिसेज में हितों के टकराव को दूर किया जा सके। इसके अलावा सेबी ने कैंपेनसेशन और ऑडिट कमेटियों से भी शेयरहोल्डर-डायरेक्टरों को हटाने का प्रस्ताव भी तैयार किया है। सरकार कॉर्पोरेट लिटरेसी को बढ़ावा देकर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को उनकी जिम्मेदारी और भूमिका से अवगत कराना चाहती है। 

पिछले दिनों दो नियामकीय संगठनों के बीच डेटा विनिमय के लिए एक करार किया गया। भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबीI) के बीच एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर केवीआर मूर्ति (एमसीए) और सेबी में पूर्णकालिक संयुक्त सचिव माधवी पुरी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। देश की अर्थव्यवस्था पर असर डालनेवाले कारकों पर निगरानी रखने के साथ ही कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के संदर्भ में निगरानी प्रक्रिया को सुचारू करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसे देखते हुए डेटा विनिमय जरूरी हो गया है। 

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