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कीमत में इजाफे की वजह: एक लीटर पेट्रोल-डीजल पर डबल पड़ता है टैक्‍स

संजीवनी टुडे 29-06-2020 18:38:20

कोविड-19 के संक्रमण से दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍था प्रभावित हुई, जिसकी वजह से कच्‍चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। हालात ये हैं कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।


नई दिल्‍ली। कोविड-19 के संक्रमण से दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍था प्रभावित हुई, जिसकी वजह से कच्‍चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है। हालात ये हैं कि अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्‍चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। लेकिन, राजधानी दिल्‍ली में पेट्रोल-डीजल की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया है। तेल की कीमत में लगातार हो इजाफे को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर हो गई है।
 
दरअसल भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की जितनी मांग है, उतनी उत्‍पादन देश में नहीं है। ऐसे में जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करना पड़ता है।  साफ है कि यदि विदेशी बाजार में कच्‍चा तेल महंगा होगा तो घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल महंगा होगा और कच्चा तेल सस्ता होगा तो यहां दाम घटेगा। लेकिन, ऐसा अभी नहीं हो रहा है।  आइए जानते हैं क्‍या है तेल के दाम में इजाफे के पीछे का पूरा खेल।  
 
दाम में इजाफे के पीछ सरकार का बड़ा हाथ
दरअसल साल 2014 से 2016 के बीच में कच्चे तेल के दाम में गिरावट का फायदा सरकार आम आदमी को देने की बजाय एक्साइज ड्यूटी और रोड सेस बढ़ाकर अपनी आमदनी बढ़ाती रही। ऐसा करके साल 2014-15 और 2018-19 के बीच केंद्र सरकार ने तेल पर टैक्स के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये कमाए। वहीं राज्य सरकारें भी इस बहती गंगा में हाथ धोने से नहीं चूकीं। पेट्रोल-डीजल पर वैट ने उन्हें मालामाल कर दिया। लेकिन इस बार भी जब कच्‍चे तेल की कीमतें घटनी शुरू हुई तो केंद्र और राज्‍य सरकारों ने इस पर टैक्स बढ़ा दिया।
 
एक लीटर पेट्रोल पर 50 रुपये से ज्‍यादा टैक्स
उदाहरण के तौर पर आज की तारीख में दिल्ली में पेट्रोल और डीजल का दाम 80 रुपये प्रति लीटर के पार चला गया है। लेकिन, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने अभी तक नहीं बताया है कि इसमें उनका एक्स फैक्ट्री रेट कितना है। लेकिन, आईओसी ने 16 जून का खुलासा किया है, जबकि पेट्रेाल की कीमत 76.73 रुपये प्रति लीटर थी। 
 
आईओसी के मुताबिक एक लीटर पेट्रोल की एक्स फैक्ट्री कीमत यानी बेस प्राइस 22.11 रुपये थी। इसमें केंद्र सरकार का एक्साइज ड्यूटी के तौर पर 32.98 रुपये, ढुलाई खर्च 33 पैसे, डीलर कमीशन 3.60 पैसे और राज्य सरकार का वैट 17.71 रुपये था। बता दें कि राज्य सरकार का वैट डीलर कमीशन पर भी लगता है। इस तरह पेट्रोल मूल्य में केंद्र और राज्य सरकार का टैक्स 50.69 रुपये है।
 
16 जून 2020 को दिल्ली में टैक्स सहित एक लीटर पेट्रोल का भाव 
एक्स फैक्ट्री कीमत-- 22.11 रुपये
भाड़ा और अन्य खर्चे------0.33 रुपये
एक्साइज ड्यूटी------------32.98 रुपये
डीलर का कमीशन-----------3.60 रुपये
वैट (डीलर के कमीशन के साथ)---17.71 रुपये
इस तरह आम आदमी के लिए एक लीटर पेट्रोल की कीमत 76.73 रुपये प्रति लीटर होता है। लेकिन अभी दाम 80 रुपये के पार है तो उसमे टैक्‍स भी शामिल होगा। 
 
16 जून 2020 को दिल्ली में टैक्स सहित एक लीटर डीजल का भाव  
एक्स फैक्ट्री कीमत ----------22.93 रुपये
भाड़ा और अन्य खर्चे---------0.30 रुपये
एक्साइज ड्यूटी----------------31.83 रुपये
डीलर का कमीशन--------------2.53 रुपये
वैट (डीलर के कमीशन के साथ)---17.60 रुपये
इस तरह आम आदमी के लिए एक लीटर पेट्रोल की कीमत 75.19 रुपये प्रति लीटर होता है। लेकिन अभी दाम 80 रुपये के पार है तो उसमे टैक्‍स भी शामिल होगा।

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