संजीवनी टुडे

उम्मीद से कम रहेगी भारत की आर्थिक रफ्तार, फिच का अनुमान

संजीवनी टुडे 22-03-2019 15:37:45


नई दिल्‍ली। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने अर्थव्‍यवस्‍था में कमजोरी के अनुमान साथ भारत को तगड़ा झटका दिया है। एजेंसी ने अगले वित्त वर्ष 2019-20 के लिए शुक्रवार को भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7 फीसदी से घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया है। 

चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए भी घटाया जीडीपी ग्रोथ अनुमान एजेंसी ने ताजा ग्लोबल इकॉनमिक आउटलुक में फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है। दिसंबर एडिशन में ये अनुमान 7.2 फीसदी जाहिर किया गया था। मात्र 240000/- में टोंक रोड जयपुर में प्लॉट 9314166166

चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए 6.9 फीसदी का अनुमान सेंट्रल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) के सात फीसदी के अनुमान से भी कम है। गौरतलब है फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी रही थी। 

रेटिंग एजेंसी ने कहा, तीसरी तिमाही सुस्त पड़ी ग्रोथ
फिच ने कहा कि भले ही हमने मार्च, 2020 में समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए ग्रोथ अनुमान में कटौती की है। लेकिन अक्टूबर-दिसंबर में लगातार दूसरी तिमाही के दौरान सुस्ती के कारण जीडीपी ग्रोथ में सुस्ती रहेगी, जब 6.6 फीसदी की ग्रोथ रही थी। इससे पहले जुलाई-सितंबर तिमाही में ग्रोथ 7 फीसदी और अप्रैल-जून में यह आंकड़ा 8 फीसदी रहा था। 

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मैन्युफैक्चरिंग-एग्रीकल्चर सेक्टर ने दिया झटका
फिच ने कहा है कि मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर में सुस्ती की वजह से ये गिरावट देखने को मिल रही है। अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह घरेलू ही रही है। रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो और टू-व्हीलर्स जैसे नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) पर निर्भर क्षेत्रों में कर्ज में सख्ती देखने को मिल रही है, जिससे सेल्स में कमी आई है। वहीं, फूड इनफ्लेशन स्थिर बनी हुई है। बीते साल यह निगेटिव रही थी। इससे किसानों की आय पर दबाव बढ़ा है। 

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