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लीड महाराष्ट्र : 1586.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट पेश, विधानसभा चुनाव का बजट पर दिखा असर

संजीवनी टुडे 18-06-2019 20:24:11

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच अतिरिक्त पूर्ण बजट पेश किया । मानसूत्र सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने 1 हजार 586 करोड़ 55 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट पेश किया है

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच अतिरिक्त पूर्ण बजट पेश किया । मानसूत्र सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने 1 हजार 586 करोड़ 55 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट पेश किया है। इस बजट में राजस्व घाटा 20,292 करोड़ 94 लाख रुपये होने का अनुमान है। सरकार ने नई औद्योगिक नीतियों के साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने और साल 2025 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर का बनाने का लक्ष्य पूरा करने की योजना बनाई है। सरकार ने बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल करने पर जोर दिया है । विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बजट पेश किये गए है ऐसा आरोप विपक्षी नेताओं ने लगाया है | विपक्षी के हंगामे व वाकआउट के बीच बजट पास किया गया |  
 
महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने चालू वर्ष 2019-20 में 3,14,640.12 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने और 3,34,933.06 राजस्व खर्च होने का अनुमान व्यक्त किया है। हालांकि इस बजट में महाराष्ट्र का राजकोषीय घाटा बढ़कर 61,669.94 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल राजकोषीय घाटा 56,053.48 करोड़ रुपये का था। राज्य पर कर्ज का बोझ भी इस वर्ष 4,14,411 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,71,642 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त मंत्री ने इसे जनता को सौगात देने वाला अतिरिक्त बजट बताया जबकि  विपक्ष ने इसे विधानसभा की तैयारी को ध्यान में रखते हुए लोकलुभावन व राज्य की जनता को गुमराह करने वाले बजट बताया। 
 
किसानों पर मेहरबान सरकार
 मानसून सत्र में मंगलवार को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजनाओं के लिए सरकार की ओर से 2720 करोड़ आवंटित किए गए हैं। किसान सम्मान योजना के लिए भी सरकार ने 2,41,021 करोड़ आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में सरकार ने किसानों के हित पर ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 52 लाख 26 हजार किसानों को 2,688 करोड़ 81 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियों के मार्फत मंजूर किए हैं। साल 2018-19 के दौरान खरीफ और रबी फसलों के लिए 1 करोड़ 39 लाख 98 हजार किसानों को फसल बीमा के तहत शामिल किया गया, जिससे 83 लाख 98 हजार हेक्टर कृषि क्षेत्र की फसलों को लाभ मिला है। 
 
आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया
विपक्ष की ओर से बजट पेश करने के दौरान भारी हंगामा किया गया। बजट पेश करने से पहले ही इसे सोशल मीडिया पर लीक करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष वॉकआउट कर गया। हालांकि विपक्ष ने कहा कि राज्य की भाजपा-शिवसेना की गठबंधन सरकार ने आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपैया वाला घाटे का बजट पेश किया है। 20,292.94 करोड़ के राजस्व घाटे वाले अतिरिक्त बजट में सरकार को आमदनी 3,14,640.12 करोड़ रूपये होनी है, जबकि खर्च 3,34,933.06 करोड़ हो रहा है। इस बजट से सरकार का कुल 61,669.94 करोड़ रुपए राजस्व घाटा हो रहा है। इसी के साथ राज्य सरकार पर वर्ष 2019-20 में कर्ज का बोझ भी बढ़कर 4,71,642 करोड़ होने का अंदाज़ है। 
 
विधानसभा तैयारी का दबाव
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसी भी वस्तुओं की कीमतों और टैक्स में वृद्धि नहीं की गई है। सरकार ने जनता के हित को साधते हुए तमाम योजनाओं को पूरा करने के लिए दिल खोलकर निधि देने की घोषणा की है। इससे सरकार का खजाना खाली होगा और सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। वर्ष 2018-19 में 4,14,411 करोड़ कर्ज का बोझ सरकार पर होगा जबकि वर्ष 2017-18 में 4,02,421 करोड़ रुपये ही कर्ज का बोझ सरकार पर था। 
  
कारोबारी वर्ग पर फोकस
व्यापारियों पर इस बजट में खासा ध्यान दिया गया है। करदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए अभय योजना विलंब शुल्क में सहूलियत दी गई है। वैट पंजीकृत व्यापारियों के लिए विलंब शुल्क अनिवार्य है, लेकिन सरकार ने शुल्क की रकम पर ब्याज में छूट देने की घोषणा की है। सरकार ने व्यवसाय और वैट कर में सुधार के प्रस्ताव भी रखे हैं। इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों के लिए पंजीकरण करने वाले कारोबारियों को कर भरने के लिए भी पर्याप्त समय दिया जाएगा, जबकि वैट के लिए एक करोड़ से अधिक का टर्नओवर करने वाले व्यापारियों और कर रकम 25 हजार से कम का कारोबार करने वालों को सहूलियत दी गई है।   
 
 
3 लाख 34 किमी. सड़क विकास का काम शुरू  
राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में बताया गया है कि 700 किमी. मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग का काम तेजी से चल रहा है। इसके 16 में से 14 चरणों पर काम शुरू है। सरकार की ओऱ से कहा गया कि राज्य में 3 लाख 34 किमी. सड़क विकास का काम शुरू है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 30 हजार किमी. सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 18,150 करोड़़ रुपये प्रस्तावित है। अब तक 29,076 किमी. का काम मंजूर किया गया है। मुंबई पुणे महामार्ग के विकास के लिए 55,335 करोड़ रुपये का बजट खर्च अपेक्षित है। इसके अलावा मुंबई पुणे द्रुत गति महामार्ग की मरम्मत के लिए भी 6695 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित है। सायन- पनवेल को जोड़ने के लिए ठाणे खाड़ी में तीसरे पुल का निर्माण के लिए भी 775 करोड़ का बजट बनाया गया है, जबकि बांद्रा- वर्सोवा सी लिंक के लिए 11 हजार 332 करोड़ रुपये, 22 किमी. शिवडी न्हावा शिवा लिंक रोड के लिए 17 हजार 843 रुपये प्रस्तावित है। यह योजना 2022 तक पूर्ण होगी।     
 
मुंबई में बनेगा वाजपेयी स्मारक 
सरकार की ओऱ से बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भव्य स्मारक मुंबई में बनेगा। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। गोवर्धन गोवंश योजना के लिए 34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

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