संजीवनी टुडे

मुख्यमंत्री ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार और समय से स्वीकृत राशि खर्च करने के उपायों पर दिया जोर

संजीवनी टुडे 18-06-2019 21:21:42

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल का 28 जून से शुरु हो रहे मॉनसून सत्र में चालू वित्तीय वर्ष के लिए 200501 करोड़ रुपये के राज्य बजट के तहत विभागीय अनुदान मांग स्वीकृत कराने और चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रथम अनुपूरक बजट लाने की तैयारी को लेकर वित्त विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की


पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानमंडल का 28 जून से शुरु हो रहे मॉनसून सत्र में चालू वित्तीय वर्ष के लिए 200501 करोड़ रुपये के राज्य बजट के तहत विभागीय अनुदान मांग स्वीकृत कराने और चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रथम अनुपूरक बजट लाने की तैयारी को लेकर वित्त विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की। 

बजट के तहत खर्च और आमदनी सहित वित्तीय प्रबंधन में सुधार और आबंटित राशि को समय सीमा के अंदर खर्च करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपायों को लेकर वित्त विभाग के कामकाज की गहन समीक्षा की। बजट सत्र में चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम चार महीने के लिए लेखानुदान स्वीकृत है । जुलाई समाप्त होने के पहले अगस्त,2019 से मार्च,2020 तक के खर्च के लिए अनुदान मांग स्वीकृत करानी होगी। मुख्यमंत्री के 1 अणे मार्ग स्थित सरकारी आवास के नेक संवाद में आयोजित बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ ने प्रस्तुतीकरण दिया।

 प्रस्तुतीकरण के क्रम में उन्होंने रेवेन्यू एंड कैपिटल रिसोर्स एंड एक्सपेंडीचर, रिसोर्स 2018-19, डिपार्टमेंट वाइज एक्सपेंडीचर 2018-19 एवं क्वाटरली एक्सपेंडीचर ट्रेंड के बारे में विस्तृत जानकारी दी। प्रधान सचिव ने जीएसडीपी के रिसोर्सेज, एफआरबीएम इंडीकेटर्स, एडिशनल लाइबिलिटीज एवं बजट 2019-20 पर विस्तार से जानकारी दी। कंप्रीहेन्सिव फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के लागू होने के पष्चात अब पूर्णतः पेपरलेस कार्यालय होगा, इस तरह का कार्य करने वाला बिहार दूसरा राज्य है। 

गवर्नमेंट ई-मार्केटिंग के फायदों के बारे में, रीस्ट्रक्चरिंग ऑफ फाइनेंस एडमिनिस्ट्रेशन तथा जी0पी0एफ0 को कांटेक्टलेस बनाने के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण के क्रम में जानकारी दी गयी। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि विभिन्न विभागों के वित्तीय स्थिति की देख-रेख के लिए एक व्यवस्था बनाने की जरूरत है ताकि वित्तीय प्रबंधन बेहतर हो सके और आवंटित राशि को समय सीमा के अंदर खर्च करने की व्यवस्था हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों की आमदनी बढ़ रही है, मध्यम वर्ग के लोगों की भी क्रय शक्ति बढ़ी है, राज्य में बाजारों की स्थिति बेहतर हुई है, यह एक तरह की आर्थिक प्रगति का सूचक है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त विभाग को एडिशनल लाइबिलिटी के लिए तैयार रहने की जरूरत है। कई जनोपयोगी योजनाएं चलायी जा रही हैं, जैसे किसानों के लिए बिजली सब्सिडी, पुराने सरकारी जर्जर भवनों की मरम्मत एवं निर्माण, मेंटेनेंस पाॅलिसी, नल-जल योजना, स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं इत्यादि। उन्होंने कहा कि लोगों की प्रवृत्ति बदल रही है, जिसके अनुरूप नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिसके लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन जरूरी है। 

बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव वित्त (व्यय) राहुल सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चंद्रशेखर सिंह सहित वित्त विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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