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विधान परिषद चुनाव : दरभंगा शिक्षक एवं स्नातक क्षेत्र में होगी कांटे की टक्कर

संजीवनी टुडे 01-10-2020 12:49:23

बिहार विधान सभा चुनाव के साथ ही बिहार विधान परिषद चुनाव की सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है। दरभंगा शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आता है और यहां के स्नातक एवं शिक्षक दोनों निर्वाचन क्षेत्र के लिए 22 अक्टूबर को मतदान होना है।


बेगूसराय। बिहार विधान सभा चुनाव के साथ ही बिहार विधान परिषद चुनाव की सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है। दरभंगा शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आता है और यहां के स्नातक एवं शिक्षक दोनों निर्वाचन क्षेत्र के लिए 22 अक्टूबर को मतदान होना है। दोनों निर्वाचन क्षेत्र पर कब्जा जमाने के लिए एक बार फिर बेगूसराय के आधे दर्जन से अधिक प्रत्याशी मैदान में कूद पड़े हैं, देखना यह है कि मतदाता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं। 

इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू है तथा पांच अक्टूबर तक नाम दाखिल किए जा सकेंगे। छह अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी, 12 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 22 अक्टूबर को मतदान तथा 12 से 14 नवम्बर तक मतगणना होगी। कोविड-19 गाईडलाइन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 90093 मतदाताओं के लिए 102 मुख्य मतदान केंद्र तथा 39 सहायक मतदान केंद्र शामिल हैं। जिसमें बेगूसराय में 22959 मतदाताओं के लिए 20 मुख्य एवं 12 सहायक मतदान केंद्र, समस्तीपुर में 20344 मतदाताओं के लिए 24 मुख्य एवं नौ सहायक मतदान केंद्र, दरभंगा में 24282 मतदाताओं के लिए 34 मुख्य एवं दस सहायक मतदान केंद्र तथा मधुबनी में 22508 मतदाताओं के लिए 24 मुख्य एवं आठ सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बेगूसराय में 2287 मतदाताओं के लिए 20, समस्तीपुर में 3041 मतदाताओं के लिए 24, दरभंगा में 3538 मतदाताओं के लिए 32 तथा मधुबनी में 3045 मतदाताओं के लिए 23 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि विधान परिषद चुनाव की तैयारी भी जोर-शोर से की जा रही है। इसके लिए नौ कोषांगों का गठन कर लिया गया है। सभी मतदान केंद्र प्रखंड मुख्यालय में ही रहेंगे तथा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इधर शिक्षक एवंं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के लिए राजनीतिक दलों द्वारा सिंबल आवंटन नहीं किया जाता है। लेकिन राजनीतिक दलों के समर्थक प्रत्याशी होते हैं, जिसके कारण अपरोक्ष रूप से ही सही लेकिन सभी राजनीतिक दलों में चहलकदमी रहती है। 

चुनाव के मद्देनजर बेगूसराय के शिक्षक एवंं स्नातक मतदाताओं की गोलबंदी तेज हो गई है। दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम इस बार नया मिसाल गढ़ता रहा है, कई समीकरण टूटते और बनते रहे हैं। 2014 में हुए चुनाव में नया राजनीतिक परिदृश्य सामने आया और हाशिए पर चल रही कांग्रेस को यहां नया जीवन दान मिला था। नमो और नीतीश फैक्टर को मतदाताओं ने नकार दिया तथा परिसीमन के बाद पहली बार कांग्रेस ने दोनों सीटों पर कब्जा जमाया। चुनाव परिणाम ने वर्षो से चली आ रही परंपरा को भी तोड़ा और बेगूसराय का दबदबा समाप्त हो गया। 

शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का 1984 में नए सिर से परिसीमन होने पर दो टर्म में बेगूसराय के शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया। इसके बाद तीन टर्म तक प्रतिनिधित्व बेगूसराय के वासुदेव प्रसाद सिंह ने किया था। लेकिन 2014 के परिणाम ने सभी गणित बदल दिया था। इस चुनाव के लिए भी निवर्तमान शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. मदन मोहन झा और स्नातक प्रतिनिधि दिलीप चौधरी चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। लेकिन दोनों को इस चुनाव में कड़़े टक्कर का सामना करना पड़ेगा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए बेगूसराय से प्रमुख दावेदार डॉ. सुरेश प्रसाद राय और प्रो. अरुण कुमार जहां जोरदार तैयारी और समर्थकों केे साथ मैदान मेंं आ गए हैं। 

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रजनीकांत पाठक, सर्वेश कुमार, अंजनी कुमार सिंह और रामनंंदन सिंह आदि चुनावी मैदान में हैं। फिलहाल देखना यह है कि मतदाता किस पर विश्वास जमाते हैं। क्योंकि इस इस बार कई नए मुद्दे उभरकर सामने आए हैं। कॉलेजों में शिक्षक की कमी, सभी प्रखंड में डिग्री कॉलेज का नहीं बनना, बेगूसराय में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना, विश्वविद्यालय मुख्यालय में छात्र-छात्राओंं का दोहन, शिक्षकों का हो रहा दोहन और उनकी परेशानी करीब-करीब क्षेत्र के चारोंं जिले की मूल समस्या है।

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