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कोविड -19 के परिपेक्ष्य में एनीमिया से बचाव बेहद जरूरी, खान-पान का रखें विशेष ख्याल

संजीवनी टुडे 30-11-2020 16:16:47

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि एनीमिया हमारी शारीरिक व मानसिक क्षमता को प्रभावित करता है। एनीमिया में हीमोग्लोबिन की कमी होती है।


छपरा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार शर्मा ने बताया कि एनीमिया हमारी शारीरिक व मानसिक क्षमता को प्रभावित करता है। एनीमिया में हीमोग्लोबिन की कमी होती है। हीमोग्लोबिन ही फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर खून में पहुंचाता है। यही कारण है कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने से ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती है। जो भी व्यक्ति अपने खान-पान का ख्याल नहीं रखता है उसे एनीमिया हो सकता है लेकिन महिलाओं में एनीमिया की समस्या अधिक देखने को मिलती है।
 
एनीमिया के लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से लें सलाह:
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि वैसे तो बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लोग एनीमिया ग्रसित हो सकते हैं, लेकिन किशोरावस्था, प्रसव के बाद और रजोनिवृत्ति के बीच की आयु में यह समस्या अधिक देखी जाती है। आमतौर पर ऐसा तब होता है, जब शरीर में लाल रक्त कणों की कोशिकाओं के नष्ट होने की दर उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। उन्होंने कहा कि एनीमिया के लक्षण महसूस होने पर तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
 
एनीमिया के लक्षण - सांस फूलना - थकावट आना - चक्कर आना - घबराहट - एकाग्रता में कमी - आंखों- हथेलियों व नाखून का रंग पीला होना एनीमिया के प्रमुख लक्षण हैं। - खान पान का विशेष ध्यान आज कोरोना के दौर में तो हमें इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में कोरोना के संक्रमण की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हमें ऐसे समय में अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमें फल व सब्जियों को अच्छी तरह से धोकर खाना चाहिए। खाना बनाने व खाना खाने से पहले हाथों को साबुन और पानी से अच्छे से धोना चाहिए। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को डाक्टर की सलाह से विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ नीबू, संतरा, आंवले के साथ आयरन की गोलियों का सेवन करना चाहिए। - यह है आंकड़ों की तस्वीर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (2015-16) के अनुसार जिले  में 15 से 49 वर्ष की 50.4 प्रतिशत.गर्भवती, 15 से 49 वर्ष के 22 प्रतिशत पुरुष और 15 से 49 वर्ष की 53.9 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से ग्रसित हैं। एक स्वस्थ महिला में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 ग्राम प्रति डेसीलीटर और पुरुषों में 14 ग्राम प्रति डेसीलीटर होनी चाहिए।
 
इन बातों का रखें ध्यान •
सार्वजानिक स्थानों पर लोगों से दूरी बनाएं • कम से कम दो मास्क रखें। घर में बनाए गए मास्क को समय समय पर धुलते रहें • अपनी आंख, नाक एवं मुंह को छूने से बचें • हाथों को नियमित रूप से साबुन एवं पानी से अच्छी तरफ साफ करें • आल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें • तंबाकू, खैनी आदि का प्रयोग नहीं करें, ना ही सार्वजानिक स्थानों पर थूकें

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