संजीवनी टुडे

आध्यात्मिक यात्रा: चुगलखोरी करना कितना गलत है ? क्या कहता है इसके बारे में धर्म...

संजीवनी टुडे 27-05-2020 10:56:12

तू स्वयं के दोषों को भला कैसे भूल गया वह दूसरों के दोष निकालने में तूने अपने आपको क्यों व्यस्त कर लिया ?


"हे अस्तित्व के पुत्र!

तू स्वयं के दोषों को भला कैसे भूल गया, वह दूसरों के दोष निकालने में तूने अपने आपको क्यों व्यस्त कर लिया ? जो कोई भी ऐसा करता है वह मेरे श्राप का भागी बनता है।"

"बच्चों अब तुम्हें मैं एक बड़ी लाल बत्ती के बारे में बताने जा रहा हूं । क्या तुम लोग ध्यान से सुनोगे" ?  पिता ने पूछा

'क्यों नहीं पिताजी !' बच्चों ने कहा। 

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पिता ने कहना शुरू किया- दुर्भाग्य से हमारे बीच ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो दूसरों की कमियों और कमजोरियों के बारे में बातें करते हैं । इसका अगला चरण यह है कि इस तरह से वार्ता करके अपने अहं को प्रसन्न और संतुष्ट करते हैं। हम कई बार यह महसूस भी करते और इससे सहमत नहीं होते कि हम चुगलखोरी कर रहे हैं। इसके विपरीत चुगलखोरी का पूर्ण आनंद लेते हैं। इसलिए बहाउल्लाह ने हर व्यक्ति से निगूढ़ वचन में इस बारे में पूछा है और जब तक स्वयं गलत हो दूसरों की गल्तियों की ओर देखने के लिए निषेध कर दिया है।

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अब्दुल बहा कहते हैं यदि किसी व्यक्ति में दस कमजोरियां है परंतु उसमें एक अच्छा गुण है तो हमें उस एक अच्छे गुण को देखना चाहिए। मेरे शिक्षक कहते थे कि हमें चार थैले साथ लेकर चलना चाहिए जिसमें दो आगे लटके हो और दो पीछे। दो आगे वाले थैलों में से एक में दूसरों के गुण और दूसरे में अपनी कमियां रखनी चाहिए और पीछे के थैलों में अपने गुण और दूसरों की कमियां रखना चाहिए। 

हमें आगे के थैलों को ध्यान में रखना चाहिए, जिनमें दूसरों के गुण और हमारी कमजोरियां है और इनसे सावधान रहना चाहिए जबकि दूसरों की कमजोरियों और अपने गुणों को नजरअंदाज करना चाहिए अन्यथा यह गर्व और अहंकार की ओर ले जाएगा।

नईम ने कहा "परंतु पिताजी! चार थैलों को लेकर चलना बड़ा मुश्किल है और उसमें भी जबकि दो काफी भारी हो। "

मरियम ने मजाक में कहा, "मैं जानती हूं तुम्हारी कौन से दो थैले काफी भारी होंगे।  खुद की कमजोरियां और दूसरों की अच्छाइयों वाले।"

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बिल्कुल तुम्हारी तरह" नईम ने भी उसी लहजे में कहा।

"ठीक है, बच्चों! बहस मत करो, देखो शब्द नहीं बल्कि कर्म तुम्हारे आदर्श होने चाहिए" मां ने बीच में टोका।

पिता ने कहना जारी रखा" बहाउल्लाह ने निगूढ़ वचन में अत्यंत कठोर वक्तव्य दिया है। वे कहते हैं जो कोई ऐसा करता है उस पर मेरा श्राप है। तुम्हें बहाउल्लाह के अन्य लेखों में ऐसी कठोर वाणी नहीं मिलेगी। यह दर्शाता है कि चुगलखोरी कितनी हानिकारक है कि बहाउल्लाह ने गप्पेबाजी को श्रापित किया है।  क्या तुम जानते हो बहाई धर्म का उद्देश्य क्या है?

Spiritual journey protect ourselves under the protection of God

नईम ने उत्तर दिया "एकता और प्रेम"।

पिता ने कहा- हां यह ठीक है परंतु क्या तुम अंदाजा लगा सकते हो कि लोगों में अनेकता और गलतफहमी पैदा करने में किसका सर्वाधिक योगदान होता है ?

मरियम ने उत्तर दिया- " मेरा विचार है चुगलखोरी। "

Spiritual journey What is the great wealth of God

"एकदम ठीक, तुम्हें पूरे अंक मिले। दरअसल चुगलखोरी दीमक की भांति होती है" पिता ने कहा ।

'दीमक' ? बच्चों ने एक साथ पूछा। 

मां ने बताया "हां " तुम जानते हो कि मजबूत इमारत के लकड़ी के मजबूत सहारे को दीमक भीतर से खा कर खोखला कर देती है। बाहर से देखे तो उस इमारत में कोई कमी नजर नहीं आती लेकिन एकाएक वह इमारत एक दिन गिर जाती है। तब हमें पता चलता है कि यह दीमकों द्वारा किया गया था जिसने पूरी इमारत को नष्ट कर दिया। इस उदाहरण से स्पष्ट है कि हमारा समाज जो कि बाहर से तो एकदम स्वस्थ नजर आता है परंतु चुगलखोरी, अविश्वास, व्याकुलता, अनेकता और ईश्वर न करे नफरत जैसी खतरनाक आदतों के कारण अंदर से यह खोखला व बीमार हो चुका है और इसके शक्तिशाली स्तम्भ नष्ट प्राय हो गए है।  

Spiritual journey know what is said in the story Dont be so proud of yourself

 दूसरी जगह बहाउल्लाह कहते हैं जब तक स्वयं पाप क्रम में लिप्त है दूसरों के पापों का विचार भी ना करें यदि तूने इस आज्ञा का उल्लंघन किया तो तू श्रापित बन जाएगा और इसका साक्षी स्वयं में हूं। दूसरों की गलतियों को न देखने का सबसे अच्छा तरीका उनके गुणों को और स्वयं की कमियों को देखना है तब हम अपनी कमजोरियों पर ध्यान देंगे और उन्हें दूर करने का प्रयास करेंगे। इसलिए बहाउल्लाह एक निगूढ़ वचन में हमें प्रतिदिन का लेखा-जोखा कर लेने का आदेश देते हैं।

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