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VIDEO: यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा

संजीवनी टुडे 23-08-2019 14:53:20

इस कार्यक्रम मेँ लगभग 50 से 70 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रमुख मुद्दा मेक हेल्थी लाइफ था।


उतर प्रदेश। बंथरा के पड़ोसी क्लस्टर नवाबगंज में स्थित यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में बच्चो के लिए एक बाल मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम मेँ लगभग 50 से 70 बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रमुख मुद्दा मेक हेल्थी लाइफ था। 

यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा
 
कार्यक्रम की शुरुआत कुछ प्रार्थना से हुई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुख्य वक्ता संदीप ने इस कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। संदीप सिंह यूनिवर्सल किड्स एकेडमी के संस्थापक भी हैं। 

यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा

इसके बाद छोटे बच्चो की बाल कक्षा लेने वाले शिक्षकों और संयोजकों ने बाल नैतिक शिक्षा और मेक हेल्थी लाइफ के उद्देश्य से सभी अभिभावकों को अवगत कराया। 

यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा

संयोजकों ने बताया कि बाल नैतिक कक्षा के अनुसार शिक्षा तीन प्रकार की होती हैं मानवीय शिक्षा, बौद्धिक शिक्षा और देवीय शिक्षा। इन सारी शिक्षाओं के बारे में अवगत कराते हुए उन्होंने मेक हेल्थी लाइफ बारे में बताया और कहा कि जंक फूड हमारे शरीर को हानि पहुंचाता है, इसलिए स्वस्थ रहने के लिए हमे इसके सेवन से बचना चाहिए। 

यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा

इसके बाद बच्चों के एक ग्रुप में अनपढ़ बीवी का नाटक प्रस्तुत किया और एक प्रतिभागी ने 'वो आवाज सुनो, जो हमारे हृदयों को आनंदित करती है...' गीत प्रस्तुत किया, जिसने सबका मन मोह लिया। 

यूनिवर्सल किड्स एकेडमी में हुआ बहाई शिक्षा से प्रेरित बाल मेले का आयोजन, मेक हेल्थी लाइफ रहा प्रमुख मुद्दा

इसके बाद समाज में बेटियों को महत्व देने के सम्बन्ध में बात करते हुए बताय गया कि अगर किसी अभिभावक के पास सिर्फ एक बच्चे को पढ़ाने के लिए पैसा है और उनके एक लड़की और एक लड़का है तो लड़की की शिक्षा को अधिक महत्व देते हुए उसे पढ़ाना चाहिए, क्योंकि वह बड़ी होकर एक माँ बनेगी और मां बच्चों की प्रथम शिक्षिका होती है। अगर माँ पढ़ी-लिखी है तो उसका पूरा परिवार पढ़ा लिखा होगा। 

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