संजीवनी टुडे

यहां पर लोग सब्जी खरीदने के लिए संस्कृत भाषा का करते है इस्तेमाल

संजीवनी टुडे 27-01-2017 17:10:43


नई दिल्ली। केंद्रीय विद्यालयों में संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य बनाए जाने का विवाद सुप्रीम कोर्ट में है। शुक्रवार को विवाद पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने सुझाव में कहा है कि छात्र इस सत्र में संस्कृत या जर्मन में से किसी भी भाषा का चुनाव कर सकते हैं। लेकिन वहीं इस विवाद से अलग कर्नाटक की राजधानी बैंगलुरु से 300 किलोमीटर दूर एक ऐसा गांव है जहां के लोग अपनी रोजमर्रा की बोलचाल में संसकृत भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

 

खबरों के अनुसार बैंगलुरु के मत्तूरु गांव के निवासी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में संस्कृत का ही प्रयोग करते हैं। यहां के लोग सब्जी खरीदने से लेकर आम बोलचाल में भी संस्कृत का ही इस्तेमाल करते हैं। गांव के निवासी और स्थानीय शिमोगा कॉलेज में वाणिज्य विषय के प्रोफ़ेसर एमबी श्रीनिधि का कहना है कि यह अपनी जड़ों की ओर लौटने जैसा एक आंदोलन था, जो संस्कृत-विरोधी आंदोलन के ख़िलाफ शुरू हुआ था। संस्कृत को ब्राह्मणों की भाषा कहकर आलोचना की जाती थी। 

इसे अचानक ही नीचे करके इसकी जगह कन्नड़ को दे दी गई। उनका कहना है कि इसके बाद पेजावर मठ के स्वामी ने इसे संस्कृत भाषी गांव बनाने का आह्वान किया। हम सब लोगों ने संस्कृत में बातचीत का निर्णय करके एक नकारात्मक प्रचार को सकारात्मक मोड़ दे दिया है। मात्र 10 दिनों तक रोज़ दो घंटे के अभ्यास से पूरा गांव संस्कृत में बातचीत करने लगा। 

मत्तूरु गांव की जनसंख्या 3,500 है और यहां संकेथी ब्राह्मण ही नहीं बल्कि दूसरे समुदायों को लोग भी संस्कृत में बात करते हैं। इनमें सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित तबका भी शामिल है जानकारी के अनुसार, पूरे देश में करीब 35,000 संकेथी ब्राह्मण हैं और जो कन्नड़, तमिल, मलयालम और थोड़ी-मोड़ी तेलुगु से बनी संकेथी भाषा बोलते हैं। इस गांव के स्कूल में संस्कृत अध्यापक छात्रों से संस्कृत सवाल पूछते हैं, जिसका जवाब भी छात्र संस्कृत में ही देते हैं।

यह भी पढ़े: तो ये है ईरानी महिलाओं की खूबसूरती का राज, आप भी जाने

यह भी पढ़े: कभी देखी है ऐसी 'रेव पार्टी' जिसे देख आप हैरान रह जाएंगे, VIDEO

यह भी पढ़े:इस महिला ने की प्यार में पागलपन की हद पार, जानिए क्या है पूरा माजरा

यह भी पढ़े:तुर्की में हुआ LOVE बेबी का जन्म, जानिए क्या है इस बच्चे की खासियत

sanjeevni app

More From ajab-gjab

Loading...
Trending Now
Recommended